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निर्भीक बचपन अभियान- क्या-क्या हो रहा है स्कूली छात्राओं के साथ, इन सवालों में उभरा दर्द

अंजुमन इस्लामिया स्कूल में हुआ कार्यक्रम, एसआई भावना तिवारी ने छात्राओं को बनाया जागरूक
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neeraj mishra

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Updated: 18 Jan 2017, 3:34 PM IST

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जबलपुर। कम उम्र में ही बच्चियों को कैसे बड़ा बनाया जा रहा है? शरीर के साथ उनका मन भी रौंदा जा रहा है? ये सुलगते सवाल अंजुमन इस्लामिया स्कूल में उठे। पत्रिका के निर्भीक बचपन अभियान के अंतर्गत यहां कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं ने जब अपनी उलझनेंं साझा कीं तो उनका दर्द भी उभरकर सामने आ गया।



छेड़छाड़ करनेवालों को सबक सिखाएं

स्कूली छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करना और भद्दे कमेंट करना कोई नई बात नहीं है। छात्राएं तो जैसे इन हरकतों की अभ्यस्त हो गई हैं। निर्भीक बचपन अभियान में छात्राओं को ऐसी हरकतों का विरोध करने के लिए जागरूक बनाया जा रहा है। उन्हें प्रेरित किया जाता है कि वे आगे आएं तो छेड़छाड़ करनेवालों या अभद्रता करनेवालों को सबक सिखाएं। बुधवार को हुए कार्यक्रम में जबलपुर पुलिस की एसआई भावना तिवारी ने स्कूली छात्राओं को मार्गदर्शित किया। एसआई तिवारी ने छात्राओं को गुड टच और बेड टच के बारे में विस्तार से बताया।

सवालों से सामने आई असलियत

कार्यक्रम में छात्राओं से कहा गया कि वे भी अपने सवाल पूछ सकती हैं, अपनी आशंकाओं का निराकरण कर सकती हैं। इस पर अनेक छात्राओं ने पूछा- कोई हमें छेड़े या कमेंट पास करें तो हम क्या करें? छात्राओं को बताया गया कि ऐसी स्थिति मेें कहां-किस से सहायता ली जा सकती है। पुलिस की निर्भया स्कवाड के बारे में भी बताया गया।