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कसैला लगने लगा SMART CITY का लॉलीपाप, आप भी जानें क्या है कारण

जबलपुर।  अब शहर में स्मार्ट हवा बंद सी हो गई है, लोग व्यवस्थाओं को कोसने लगे हैं। स्मार्ट बनाने के लिए तीसरे चरण के शहरों की लिस्ट जारी होने के साथ शहर में एक बार फिर से ‘स्मार्ट सिटी’ की सुगबुगाहट होने लगी है। हालांकि, यह सब प्रशासनिक स्तर पर है। आम शहरी तो स्मार्ट […]

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reetesh pyasi

Sep 23, 2016

smart city

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जबलपुर। अब शहर में स्मार्ट हवा बंद सी हो गई है, लोग व्यवस्थाओं को कोसने लगे हैं। स्मार्ट बनाने के लिए तीसरे चरण के शहरों की लिस्ट जारी होने के साथ शहर में एक बार फिर से 'स्मार्ट सिटी' की सुगबुगाहट होने लगी है। हालांकि, यह सब प्रशासनिक स्तर पर है। आम शहरी तो स्मार्ट सिटी को दूर की कौड़ी मानकर चर्चा करने से बचने लगा है। स्मार्ट सिटी के नाम पर जिस तरह की व्यवस्थाओं का ढिंढोरा प्रशासन पीट रहा है, लोग अब उसे कोसने लगे हैं।

जबलपुर को स्मार्ट बनाने जमीनी स्तर पर अब तक कुछ सामने नहीं आ पाया है। आठ माह में जबलपुर स्मार्ट सिटी कंपनी लिमिटेड कोई काम नहीं करा पाई है। शहर की जिन खूबियों को स्मार्ट सिटी प्रपोजल में शामिल कर सातवां स्थान अर्जित किया गया, उन्हें लेकर भी कोई कदम नहीं उठाया गया। वहीं, शहर के जिस 743 एकड़ हिस्से को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए चुना गया है, वहां भी कोई काम नहीं हुआ।

ये स्मार्ट कदम अभी पिटारे में

- इंटेलीजेंट ट्रैफिक सिस्टम- स्मार्ट सिटी एरिया में इंटेलीजेंट ट्रैफिक सिस्टम बनना है। इससे यातायात प्रबंधन, रेड लाइट वायलेशन डिटेक्शन, स्पीड डिटेक्शन से तेज रफ्तार वाहन चलाने वाले ट्रैस होंगे।
- नो वीकल जोन- स्मार्ट सिटी में नो वीकल जोन रहेगा। इसके लिए कुछ इलाके चिन्हित होंगे, जहां वाहनों की आवाजाही - प्रतिबंधित रहेगी। यहां केवल पैदल आ-जा सकेंगे।
- बैटरी चलित वाहन- पर्यावरण के नजरिए से बैटरी चलित वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा। एेसे वाहनों की रजिस्टे्रशन प्रक्रिया सरल होगी। इन वाहनों के अलावा लोगों को साइकिल चलाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
- डोर टू डोर कचरा प्रबंधन- हर घर से कचरा एकत्र करने, उसके प्रबंधन की व्यवस्था लागू होगी। कचरे को डम्पिंग स्टेशन पहुंचाया जाएगा। कचरे से खाद व बिजली बनेगी।

इनका कहना है कि

यह गौरव की बात है कि सबसे पहले घोषित 20 शहरों में जबलपुर ने सातवां स्थान अर्जित किया। हर काम में थोड़ा वक्त लगता है। स्मार्ट सिटी को लेकर होने वाले काम भी जल्द सामने आने लगेंगे।
स्वाति गोडबोले, महापौर

स्मार्ट सिटी के नाम पर सपने दिखाने के अलावा कुछ नहीं किया जा रहा। धारा-30 की बैठक बुलाने की मांग की गई है। इसमें स्मार्ट सिटी का मुद्दा भी
शामिल हैं।
राजेश सोनकर, नेता प्रतिपक्ष

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