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#survey : जबलपुर में भू-सर्वेक्षण के लिए पहुंचे 400 से ज्यादा प्रकरण

सिहोरा में 31 से ज्यादा गांव में काम पूरा  

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Land occupied

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जबलपुर। ग्रामीण क्षेत्र में भू-सर्वेक्षण के लिए आवेदन लगातार बढ़ रहे हैं। अब तक जिला सर्वेक्षण अधिकारी के पास 400 से अधिक प्रकरण आ चुके हैं। इनमें सिहोरा तहसील के अलावा कुंडम और पाटन के प्रकरण शामिल हैं। अब इन प्रकरणों को वापस तहसीलों को भेजा जा रहा है। तहसील स्तर पर इन प्रकरणों के आधार पर ड्रोन से सर्वे और फिर नक्शा बनवाने का काम किया जाएगा। जल्द ही दूसरी तहसीलों में भी काम शुरू होगा।

ड्रोन कैमरे से खीची जाती है फोटो
भूमि का मालिकाना हक देने के लिए सर्वे की प्रक्रिया में ग्रामीण क्षेत्र में आबादी की भूमि की ड्रोन कैमरे से फोटो खीची जाती है। फिर सर्वे ऑफ इंडिया के विशेषज्ञ उसी फोटो के आधार पर उसका नक्शा तैयार करते हैं। इनका मिलान सम्बंधित क्षेत्र का पटवारी करता है। फिर उसे तहसील में जमा किया जाता है। इस प्रक्रिया के बाद लोगों को उनकी रहवासी जगह का अधिकार पट्टा दिया जाएगा। इससे वे उस भूमि के मालिक बनेंंगे।

सिहोरा के 31 गांव का सर्वे
सिहोरा तहसील में अभी तक करीब 31 गावों में सर्वे हो चुका है। रोजाना तीन से चार गांव का सर्वेक्षण सर्वे ऑफ इंडिया और राजस्व विभाग का अमला कर रहा है। ज्ञात हो कि इस तहसील में करीब 151 गांवों में भू-सर्वेक्षण किया जाना है। तहसीलदार आरके चौरसिया ने बताया कि सर्वेक्षण का काम तेजी से चल रहा है।

सर्वे में शामिल गांव
1367 गांव शामिल सर्वे में जिले की सभी 10 तहसीलों के 1367 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें जबलपुर तहसील के 161 गांव शामिल हैं। पनागर के 184, कुंडम 190, पाटन 222, शहपुरा 226, सिहोरा 151, मझौली 222, अधारताल 00, रांझी 03 और गोरखपुर तहसील के 08 गांव शामिल हैं।

जिले की तीन तहसीलों के 400 प्रकरण जिला सर्वेक्षण अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए जा चुके हैं। इनमें पाटन, कुंडम और सिहोरा शामिल है। नियमानुसार आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
ललित ग्वालवंशी, अधीक्षक, भू-अभिलेख