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यहां सुनाई दे रहा पक्षियों को मधुर संगीत

जबलपुर जिले में के वन क्षेत्रों में नजर आ रही बदली हुई तस्वीर

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Screaming of birds getting heard during lockdown

लोगों ने किया महसूस दिखने लगी विलुप्त चिडिय़ा

जबलपुर। लॉकडाउन में परेशान तो हर कोई है। लेकिन, प्रकृत से छेड़छाड़ कम हुई है। शहरों की शुद्ध हुई आबोहवा और शांति का माहौल किसी न किसी तरह जंगलों को भी प्रभावित कर रहा है। जबलपुर जिले में बदले हुए माहौल में वन्य प्राणी और पक्षी अपने दायरे तोड़कर बाहर आ रहे हैं। जहां जो पक्षी नहीं दिखते थे, वहां वे बेखौफ चहकते दिख रहे हैं। उनके कलरव का मधुर संगीत दिल में उतर जाता है। ऐसे सुनहरे पलों को सहेजने के लिए वन क्षेत्रों में कार्यरत लोग बेहतर फोटो और वीडियो बनाकर शेयर कर रहे हैं। वन्य प्राणियों के रहवास में इंसान की दखल बहुत कम हुआ है। वन क्षेत्र में जलस्रोत, प्राकृतिक संसाधनों के बीच वन्य प्राणियों का व्यवहार बदला हुआ दिख रहा है।
आसानी से दिख रहा गिद्धों का झुंड
पन्ना नेशनल पार्क के एसडीओ हेमंत यादव ने बताया कि दुर्लभ श्रेणी में शामिल हो चुके गिद्ध अब पवई क्षेत्र में आसानी से दिख रहे हैं। दक्षिण पन्ना वनमंडल में गिद्ध बहुत मुश्किल से दिखते थे। अब 40-50 का झुंड पहाडिय़ों में नजर आ रहा है। जैव विविधता में यह महत्वपूर्ण प्रजाति है। पक्षी पे्रमी जगतजोत सिंह फ्लोरा ने बताया कि जो पक्षी घर आंगन और बालकनी में नहीं दिखते थे। वे सन्नाटे के माहौल में निर्भीक होकर आ रहे हैं। पक्षियों की आपसी लड़ाई भी कम हुई, लॉकडाउन की शांति में पक्षियों की मधुर आवाज सुनाई दे रही है। सर्प विशेषज्ञ अभिलाष वर्षे ने बताया कि ठाकुरताल में अक्सर नृत्य करते हुए मोर दिखाई दे रहे हैं। इन दिनों वन क्षेत्रों में वे पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। जरूरत पर पक्षियों का रेस्क्यू करते हैं। हाल में ही उन्होंने घोसले से गिरे चूजे की जान बचाई थी। शहर में भी पक्षियों को कलरव बताता है कि प्रकृति इस माहौल में खुशनुमा है। प्रकृति की खूबसूरती भी निखर रही है। जबलपुर में नर्मदा की खूबूसरत तस्वीरें इस तरह से इसके पहले कभी नहीं थीं। नर्मदा का पानी सच में अमृत जैसा निखर गया है।