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देश के सबसे मीठे मटर की आवक शुरू, लेकिन अस्थाई मंडी के लिए नहीं मिली जगह

देश के सबसे मीठे मटर की आवक शुरू, लेकिन अस्थाई मंडी के लिए नहीं मिली जगह  

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मटर उत्पादक किसानों की सुविधा को ध्यान में रखकर इस साल खरीदी के लिए नई जगह पर अस्थाई मंडी बनाने की योजना बनाई गई है।

जबलपुर. मटर का सीजन शुरू हो गया है। लेकिन, इसकी बिक्री के लिए अब तक अस्थाई मंडी नहीं बन सकी है। पाटन मार्ग या बायपास के करीब 20 एकड़ जमीन तलाशी जा रही है। शनिवार को भी अधिकारी कुछ जगह गए। वहां किसानों की पहुंच, उनकी सुरक्षा और सुविधाओं का आकलन किया गया। फिलहाल सरकारी जमीन को प्राथमिकता दी जा रही है।

जिला प्रशासन पाटन बायपास के आसपास कर रहा 20 एकड़ जमीन की तलाश

जिले में मटर का व्यापक पैमाने पर उत्पादन होता है। शहपुरा, पाटन और मझौली क्षेत्र से हजारों गाड़ियां सीजन में विजय नगर कृषि उपज मंडी आती है। ऐसे में पूरा रास्ता जाम हो जाता है। दीनदयाल अंतरराज्यीय बस स्टैंड चौराहे पर यातायात रेंगने लगता है। मंडी के भीतर फंसे वाहन भी घंटों बाद बाहर निकल पाते हैं। इसलिए मटर की बिक्री के लिए पाटन मार्ग के पास जमीन तलाशी जा रही है। ताकि, किसान उपज की बिक्री नई अस्थाई मंडी में कर सकें।

आगामी पखवाडे़ के भीतर मटर की आवक तेज हो जाएगी। इस अवधि में जगह तलाशकर उसे किसानों के लिए तैयार करना बड़ी चुनौती रहेगी। शनिवार को सरकारी और जेडीए की खाली जमीन के अलावा निजी लोगों के स्वामित्व वाली जगह देखी गई। इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसी आधार पर अस्थाई मंडी का इंतजाम हो सकेगा।

सहजपुर में बनती है अस्थाई मंडी

हर साल भेड़ाघाट के आगे सहजपुर में भी अस्थाई मंडी बनती है। शहपुरा के आसपास के किसान यहां सीजन में मटर बेचने आते हैं। यह मंडी जबलपुर-भोपाल हाइवे के किनारे है। इसलिए काफी किसान यहां समायोजित हो जाते हैं, लेकिन यहां भी जाम लगता है। पाटन में भी पिछले साल मंडी में मटर की खरीदी शुरू हुई थी, लेकिन वहां किसान कम संख्या में जाते हैं।

स्थाई मंडी भी नहीं तलाशी

अस्थाई मंडी के अलावा कृषि उपज मंडी को शिफ्ट करने के लिए 50 एकड़ से ज्यादा भूमि भी देखी जा रही है। इसका भी अभी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हो सका है। पाटन बायपास से लेकर महाराजपुर और तेवर की तरफ भी भूमि तलाशी जा रही है। यह योजना बहुत पहले बनी थी। अभी विजय नगर कृषि उपज मंडी शहर के बीच में आ गई है। ऐसे में सब्जी, फल और अनाज लेकर आने वाले वाहनों से यातायात बाधित होता है। कई बार नो एंट्री के कारण वाहन शहर में प्रवेश नहीं कर पाते। ऐसे में माल खराब होने की आशंका रहती है।

मटर के लिए अस्थाई मंडी के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। कुछ जगह सुविधाएं देखी हैं। जल्द ही इसका इंतजाम करने का प्रयास किया जा रहा है।

मनोज चौकीकर, सचिव कृषि उपज मंडी