18 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

स्वीमिंग पूल बंद, तैराकी को तरस रहे तैराक

तीन साल में पिछड़ गए तैराकी में भविष्य बनाने वाले खिलाड़ी

2 min read
Google source verification
Swimming pool closed, swimmers craving for swimming

तीन वर्ष के अंतराल में पूल का रखरखाव नहीं होने की वजह से यह जर्जर हो गया है।

जबलपुर .

तैराकी प्रतियोगिताओं को देखते हुए शहर में नगर निगम प्रशासन ने स्वीमिंग पूल का निर्माण कराया है। यह पूल स्टैंडर्ड मानकों को पूरा करता है। इस पूल का ट्रैक प्रतियोगिताओं के लिए बनाया गया है। इसमें सौ मीटर तैराकी प्रतियोगिता की जा सकती है। पूल में दर्शकदीर्घा, साइडिंग, लाइट सहित अन्य सुविधाएं भी हैं। पूल में बच्चों की तैराकी के लिए भी एक अलग से पूल है।

रेनोवेशन के नाम पर किया था बंद

करीब तीन वर्ष पहले इस पूल को रेनोवेशन के नाम पर बंद कर दिया गया है। इस बीच कोरोना की वजह से दो वर्ष निकल गए हैं, लेकिन उसके बाद इसे शुरू नहीं किया गया और न ही इसका रेनोवेशन हो सका।

हो गया जर्जर

जानकारों का कहना है कि करीब तीन वर्ष के अंतराल में पूल का रखरखाव नहीं होने की वजह से यह जर्जर हो गया है। पूल में बारिश का पानी भरने से फिसलन सहित कीचड़ हो गई है।

पूल में गंदा पानी भरा हुआ था, जो गर्मी में सूख गया है। उधर, छोटे पूल के आसपास सूखी झाडिय़ां आदि है।

नेशनल स्तर की हो चुकी हैं प्रतियोगिताएं

जानकार कहते हैं कि इस पूल में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं हो चुकी हैं। इसमें राज्य और जिला स्तर प्रतियोगिताएं तो वर्ष भर होती रहती थी। पूल में तैराकी के लिए महिला और पुरूष के लिए अलग-अलग समय तय था। इस पूल में तैराकी करने वाले कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक भी पहुंचे हैं।

सौ खिलाड़ी करते थे अभ्यास

जानकार कहते हैं कि इस पूल में सुबह और शाम के समय करीब सौ खिलाड़ी तैराकी का अभ्यास करते थे। इसमें पूल एसोसिएशन के कोच उन्हें अभ्यास करवाते थे। इनमें से अव्वल आने वाले खिलाडिय़ों को प्रतियोगिताओं के लिए सिलेक्ट किया जाता था।

- स्वीमिंग पूल बंद हो जाने की वजह से खिलाडिय़ों को काफी नुकसान हुआ है। स्वीमिंग प्रतियोगिताएं भी बंद हो गई हैं।

संजय पटेल, स्वीमिंग एसोसिएशन

- पूल की मरम्मत की जानी है। हमारी कोशिश है कि इसे जल्द से जल्द शुरू किया जाए। इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

सुरेन्द्र मिश्रा, उद्यान अधिकारी, नगर निगम