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अब एक रुपया भी नकद लिया तो लगेगा TCS

दो लाख रुपए के भुगतान पर आयकर विभाग की नजर, टैक्स आयकर विभाग में जमा कराना होगा

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neeraj mishra

Jun 11, 2016

TAX

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जबलपुर। अब अगर कोई व्यापारी एक बिल से दो लाख रुपए का माल किसी दूसरे व्यापारी को बेचेगा और विक्रय राशि में से एक रुपया भी नकद लेता है तो क्रेता से पूरी विक्रय राशि का एक प्रतिशत टैक्स कलेक्शन एट स्रोत (टीसीएस) वसूलना होगा। टैक्स आयकर विभाग में जमा कराना होगा। आयकर अधिनियम की धारा 206 सी में यह संशोधन किया गया है। इसी माह लागू इस नियम के कारण अब व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है। टीसीएस के रूप में जो राशि आयकर विभाग के पास जमा होगी, उसका समायोजन क्रेता को उसकी रिटर्न भरते समय मिलेगा।

एेसे समझें गणित
यदि कोई व्यापारी एक बिल से किसी को तीन लाख रुपए का उधार माल बेचता है और सारा भुगतान बैंक के माध्यम से करता है तो उसे 1 फीसदी टैक्स वसूलने की आवश्यकता नहीं पडेग़ी। तीन लाख रुपए में से 100 रुपए भी नकद प्राप्त करता है, तो जिस दिन नकद भुगतान प्राप्त किया जाता है उस दिन उसे क्रेता से पूरी राशि पर एक प्रतिशत टीसीएस यानी 3 हजार रुपए वसूल कर सरकार के खाते में जमा कराना होगा।

बढ़ सकती है मुसीबत
महाकोशल चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के सहमंत्री अनूप अग्रवाल ने बताया कि विक्रेता को वित्तीय लेन-देन का वार्षिक रिटर्न भरना होगा। वहीं के्रता से टीसीएस लेकर आयकर विभाग में जमा कराना पडेग़ा। इनमें समय तो लगेगा साथ ही चीजों की लागत भी बढ़ सकती है। अग्रवाल ने बताया कि सराफा कारोबार में टीसीएस की सीमा पांच लाख रुपए तक रखी गई है।

इनका कहना है कि
नकद लेन-देन करते समय व्यापारी या व्यक्ति को ध्यान देना होगा। उन्हें सावधानी बरतने की जरूरत है। टीसीएस का पूरा हिसाब-किताब भी रखना होगा।
सिद्धार्थ मित्तल, सीए

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