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ओएफके में बनेगा सबसे बड़ा स्वदेशी एयरबम, एक हजार किग्रा होगा वजन

नाटो देशों के एयरक्राफ्ट में होता है इस्तेमाल, एमुनेशन में विदेशी निर्भरता खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम

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जबलपुर. एयरफोर्स के लिए ऑर्डनेंस फैक्ट्री खमरिया (ओएफके) अब तक का सबसे बड़ा स्वदेशी एयरबम बनाने जा रही है। एक हजार किलोग्राम एम-84 सीरीज वाला यह बम जहां गिरेगा, वहां तबाही तय है। इसकी खासियत यह है कि इसका इस्तेमाल नाटो देशों के एयरक्राफ्ट में किया जाता है। इंडियन एयरफोर्स के पास भी ऐसे एयरक्राफ्ट हैं। इसलिए देश में ही इसके बनने से विदेशों पर एमुनेशन की निर्भरता कम हो सकेगी। इस प्रोजेक्ट को धरातल पर लाने के लिए खमरिया में काम तेज हो गया है।

अभी तक ओएफके में थाउजेंड पाउंडर, 500 किग्रा, 250 किग्रा और 110-120 किग्रा एयर बम का उत्पादन किया जाता है। लेकिन यह पहला मौका है जब इतना बड़ा एयर बम बनाया जा रहा है। हाल में एयरफोर्स ने अपने आधुनिक एयरक्राफ्ट के एमुनेशन के लिए रिक्वेस्ट फोर प्रपोजल (आरएफपी) निकाली थी। इसमें रक्षा कंपनी म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड की प्रमुख इकाई ओएफके ने भागीदारी की है। इस काम में मैटल स्टील फैक्ट्री इच्छापुर और आयुध निर्माणी दमदम की सहायता ली जा रही है। इन निर्माणियों में एयरबम की बॉडी और टेलपिन तैयार की जाएगी। वहीं फिलिंग और असेंबली ओएफके में होगी।

एयरफोर्स के पास अभी रसियन एयरक्राफ्ट

इंडियन एयरफोर्स के पास अभी जो फाइटर प्लेन हैं, वे रसियन हैं। लेकिन अब देश में नाटो प्लेटफार्म पर बने एयरक्राफ्ट हैं। इनमें मुख्य रूप से मिराज, जगुआर और राफेल शामिल हैं। यह नाटो देशों के उत्पाद हैं। ऐसे में इनका एमुनेशन भी यही देश बनाते हैं। अब एमुनेशन के मामले में इन देशों पर निर्भरता को खत्म करने की योजना एयरफोर्स ने बनाई है।

पूरी तरह स्वदेशी तकनीक का होगा इस्तेमाल
यह प्रोजेक्ट इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें किसी देश से तकनीक नहीं ली गई है। आमतौर पर ट्रांसफर ऑफ टेक्नालॉजी (टीओटी) के जरिए ऐसे प्रोजेक्ट तैयार किए जाते हैं। लेकिन इस एयरबम की कोई डिजाइन या तकनीक ओएफके पास उपलब्ध नहीं है। इसलिए डिजाइन से लेकर तमाम चीजें इनहाउस तैयार की जा रही हैं। इसके लिए एक एयरबम मंगाया गया है। उसी आधार पर प्रोटोटाइप तैयार होगा। फिर एयरफोर्स इसका ग्राउंड और एयर ट्रायल करेगी। यदि यह सभी मापदंडों पर खरा उतरता है तो इसका उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसका लाभ ओएफके को होगा। उसे करोड़ों का उत्पादन लक्ष्य मिलेगा।

नए प्रोडक्ट के रूप में एयरफोर्स के लिए 1000 किग्रा एम-84 सीरीज पर काम कर रहे हैं। यह नाटो एयरबम है। इसकी तकनीक पूरी तरह स्वदेशी होगी। जल्द ही इसका एक प्रोटोटाइप तैयार कर एयरफोर्स का ट्रायल के लिए सौंपा जाएगा।
एमएन हालदार, महाप्रबंधक, ओएफके