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विश्व प्रसिद्ध बैलेंसिंग रॉक की तोड़ी जा रहीं पहाडिय़ां, बढ़ा ये खतरा

विश्व प्रसिद्ध बैलेंसिंग रॉक की तोड़ी जा रहीं पहाडिय़ां, बढ़ा ये खतरा  

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Balancing Rock

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जबलपुर। मदन महल पहाड़ी पर विश्वप्रसिद्ध बैलेंङ्क्षसग रॉक के समीप सडक़ चौड़ीकरण के लिए चट्टानें तोड़े जाने को राज्य पुरातत्व विभाग ने भी गलत माना है। पुरातत्व विभाग के सहायक निर्देशक ने विभाग के आयुक्त को इस बात से अवगत करा दिया है कि पहाड़ी पर चट्टानें तोड़ी जा रही हैं, जो संरक्षित क्षेत्र में नहीं होना चाहिए। सामाजिक संगठन व स्थानीयजन भी इसके विरोध में सामने आ गए हैं। शनिवार को स्थानीयजन चट्टानें तोडऩे के विरोध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे।

सामाजिक संगठन व क्षेत्रीय नागरिक भी आए सामने, आज सौंपेंगे कलेक्टर को ज्ञापन
पुरातत्व विभाग ने भी माना, गलत तोड़ी जा रहीं मदन महल पहाड़ी की चट्टानें

मदन महल पहाड़ी के संरक्षण की दिशा में काम करने वाले संगठन गढ़ा गोंडवाना संघ ने भी पहाड़ी पर हो रही तोडफ़ोड़ को गलत ठहराया। अध्यक्ष किशोरीलाल भलावी ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर पहाड़ी अतिक्रमणमुक्त व खाली कराई गई थी। प्रशासन को यहां कोई भी निर्माण कार्य कराने से पहले हाईकोर्ट को जानकारी देनी थी। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत की गई है। प्रशासन ने यह काम नहीं रोका तो उच्च स्तर तक शिकायत व आंदोलन की राह पकड़ी जाएगी।

लगेंगे 250 पौधे
सडक़ चौड़ीकरण के नाम पर पहाड़ी की चट्टानों के साथ पेड़ काटने की भी बात पत्रिका ने प्रमुखता से उठाई थी। शुक्रवार को इस सम्बंध में हुई बैठक के बाद स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट सीइओ निधि ङ्क्षसह राजपूत ने बताया कि काटे गए पेड़ों के एवज में यहां सडक़ किनारे 250 पौधे लगाए जाएंगे।

पहाड़ी पर चट्टानें तोडऩा गलत है। इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है।
- सीएस मोहंती, सहायक निर्देशक राज्य पुरातत्व विभाग