इसमें मुख्य रूप से लोक कथाओं, लोक गीतों और लोक शिल्पों का उपयोग सराहनीय रहा, जो गोंडवाना की कलाओं को परिभाषित कर रहा था। नाटक में बारहा समाधि स्थल का भी विस्तृत दृश्य दिखाया। इस तरह सदियों पूर्व के इतिहास को कलाकारों के जरिए मंचित होता देख दर्शकों ने खूब सराहना की। नाट्य महोत्सव में बुधवार को विवेचना थिएटर ग्रुप द्वारा 'मौसा जी जै हिन्द का मंचन किया जाएगा।