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नर्सिंग कॉलेज्ज के लिए किसी जादूगर से कम नहीं ​हैं ये मैडम

- कहीं प्रिंसिपल तो कहीं प्रोफेसर के पद पर पदस्थ - नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा : फोटो और रजिस्ट्रेशन नंबर बदलकर कराई नियुक्ति

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जबलपुर। नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े में नर्सिंग काउंसिल, चिकित्सा शिक्षा विभाग, मेडिकल यूनिवर्सिटी और नर्सिंग कॉलेजों की मिलीभगत सामने आई है। इस पूरे फर्जीवाड़े में सबसे अधिक रहस्यमयी नाम है लीना, जो प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे नर्सिंग कॉलेजों में प्राचार्य से लेकर प्रोफेसर के तौर पर पदस्थ बताई गई हैं।

हालांकि, अब कॉलेज संचालक इन्हें जानने से भी इनकार कर रहे हैं। काउंसिल के दस्तावेजों में लीना का नाम स्वास्तिक कॉलेज ऑफ नर्सिंग जबलपुर में बतौर प्राचार्य दर्ज है। इसी नाम से कॉलेज को मान्यता और संबद्धता भी मिली है। लेकिन पत्रिका पड़ताल में सामने आया कि लीना नाम की महिला कभी कॉलेज में रही ही नहीं। पत्रिका टीम को प्राचार्य अर्चना जाटव ने बताया कि वह यहां डेढ़ साल से है।

लीना के बारे में पूछे जाने पर कुछ नहीं बताया। वहीं, संस्थान के डायरेक्टर विशाल साहू ने बताया कि लीना कहां की हैं वे नहीं जानते। प्राचार्य के रूप में काम करने की सहमति दी थी, पर ज्वाइन नहीं किया। फिर फैकल्टी के तौर पर नाम नर्सिंग काउंसिल में दिए जाने के सवाल पर चुप्पी साध ली।

पता बताने से इनकार
दादाजी धूनीवाले इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग खंडवा में लीना उप प्राचार्य के रूप में दर्शाई गई हैं। यहां के अशोक धारीवाल ने लीना का पता व फोन नंबर पूछने पर कहा कि वे महिला हैं, इसलिए यह जानकारी नहीं दी जा सकती। उन्होंने सिर्फ इतना बताया कि मैडम उत्तरप्रदेश की हैं।

फर्जीवाड़े गिरोह में शामिल
लीना प्रदेश के 12 कॉलेजों में फोटो और रजिस्ट्रेशन बदलकर फैकल्टी के रूप में दर्ज हैं। लीना कहीं प्राचार्य, उप प्राचार्य तो कहीं प्रोफेसर के रूप में नियुक्त हैं। एक कॉलेज संचालक ने बताया कि लीना उत्तरप्रदेश की रहने वाली हैं और प्रदेश भर में फैले नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़े के गिरोह में शामिल हैं।

ऐसा ही मान सिंह सक्सेना के साथ भी है। सूत्रों से मिली जानकारी कि अनुसार, लीना का जन्म 7 अगस्त 1980 बताया गया है। वह प्रदेश के बाहर भी कई कॉलेजों में पदस्थ बताई जा रही हैं।

7 कॉलेजों में एक ही फैकल्टी
जबलपुर के कोठारी नर्सिंग कॉलेज में उप प्राचार्य मानसिंह सक्सेना चार संभागों के 6 अन्य नर्सिंग कॉलेजों में पदस्थ बताए गए हैं। वे दतिया के लालकृष्ण कॉलेज में ट्यूटर, इंदौर के भंडारी कॉलेज व धार के संजीवनी स्कूल ऑफ नर्सिंग में असिस्टेंट प्रोफेसर, पंचशील इंस्टीट्यूट शहडोल, मैट स्कूल ऑफ नर्सिंग शिवपुरी व छिंदवाड़ा के एनएस इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में उप प्राचार्य बताए गए हैं। इनके नाम के साथ भी दो तरह की फोटो अलग-अलग कॉलेजों में लगी है। कुछ जगह सरनेम भी अलग हैं।

कॉलेज तो हम अपने हिसाब से चलाएंगे ना। लीना को प्राचार्य के तौर पर काम करने के लिए सहमति दी थी, लेकिन उन्होंने ज्वाइन ही नहीं किया था।
- विशाल साहू, डायरेक्टर, स्वास्तिक कॉलेज ऑफ नर्सिंग जबलपुर

लीना के इन पर रजिस्ट्रेशन-
: एनआरएस इंस्टीटयूट छतरपुर- रजिस्ट्रेशन नंबर 4300

: पं रामगोपाल तिवारी कॉलेज, अनूपपुर- रजिस्ट्रेशन 4324

: साक्षी कॉलेज छिंदवाड़ा- एमजी 16102407

: स्वास्तिक इंस्टीट्यूट जबलपुर- एमजी 16104670

: योगेश्वर कॉलेज बड़वानी- आई 41921

: चिरायु इंस्टीट्यूट छिंदवाड़ा- एमजी 16104018

: केयर कॉलेज भोपाल- एमजी 16102532

: जेएसआर ग्लोबल भोपाल- एआई 56789

: एनआरआइ इंस्टीट्यूट भोपाल- एमजी 16103835

: दादाजी धूनीवाले कॉलेज खंडवा- एमजी 16104395

: राजा राम सरकार कॉलेज भोपाल- एमजी 16102547

: एक्यूरेट इंस्टीट्यूट रायसेन- रजिस्ट्रेशन नंबर एमजी 16102360

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