
mango trees
यह है स्थिति
-1339.80 हेक्टेयर, प्रमुख वेरायटी के आम का रकबा
-4200 हेक्टेयर देशी आम का रकबा
जबलपुर। आम के पेड़ों में इस बार खूब बौर आई है। शहपुरा, चरगवां, पाटन, सिहोरा, कुं डम हर तरफ आम की बगिया में बहार आ गई। खिली हुईं बगिया का नजारा देखते ही बन रहा है। किसानों को भी इस बार आम की अच्छी फसल आने की आस है। जिले में आम का पांच हजार हेक्टेयर से ज्यादा रक बा है। यहां उत्पादित आम समूचे महाकोशल की मंडियों से लेकर कई अन्य जिलों में बिकने जाता है। आम चोंसा, दशहरी, फजली, सुंदरजा, तोतापरी, कलमी, हापुस, राजापुरी, अमृतांग, अलफैं जो, नीलेश्वरी, सोनपरी, बॉम्बेग्रीन, नीलम, आम्रपाली, मल्लिका।
चार सरकारी नर्सरी
जबलपुर जिले में और आस-पास के क्षेत्रों में नर्सरी भी तैयारी की जाती हैं। खासकर यहां के अधारताल, सिहोरा, खितौला, तेवर, रजगवां, कुं डम में सरकारी नर्सरियां हैं। इसके अलावा कुछ लोग भी नर्सरी तैयार करते हैं। उनके यहां से भी पौधों की खूब बिक्री होती है। इसका फायदा आम किसानों से लेकर इसे कारोबार के रूप में लेने वालों को फायदा होता है।
उद्यानिकी विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी एसके मिश्रा ने बताया कि इस बार जिलेभर में आम की बगिया में अच्छी बौर आई है। मौसम भी ज्यादा खराब नहीं हुआ। इसके कारण आम की अच्छी फसल आने की उम्मीद है। जबलपुर में देशी से लेकर ज्यादातर प्रमुख किस्म के आम का उत्पादन होता है।
Published on:
06 Mar 2021 08:03 pm
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