
Narmada
ये है स्थिति
- 01 लाख से पांच लाख गैलन क्षमता है नई टंकियां तक की हैं टंकी
- 55 एमएलडी अतिरिक्त पानी की शहर में होगी जलापूर्ति
- 500 किमी से ज्यादा लंबा नया जलापूर्ति नेटवर्क (राइजिंग व सप्लाई लाइन शामिल)
- 30 हजार परिवार होंगे लाभान्वित
- 03 लाख लोगों तक दोनों पाली में पहुंचेगा नर्मदा जल
तकनीकी पहलुओं पर हो रहा है काम
- टंकियों को पूरी क्षमता के अनुसार भरने का ट्रायल
- पुरानी पाइप लाइनों का मिलान
- पुरानी पाइप लाइनों पर प्रेशर की जांच
- नए नल कनेक्शन देना
जबलपुर। मानेगांव, बिलपुरा, मड़ई, सूपाताल जैसे इलाकों में जल्द ही जल संकट समाप्त होगा। नए जलापूर्ति नेटवर्क से इन इलाकों में नर्मदा जल पहुंचेगा। जबलपुर में अमृत योजना के तहत नगर निगम के 149 करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद नगर के बड़े इलाके में जलसंकट का मुद्दा 'पत्रिकाÓ ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद नगर निगम का जल विभाग हरकत में आया। अधूरे काम जल्द पूरे करने सहित तकनीकी पहलुओं पर काम शुरू हो गया है। सभी 16 नई टंकियों से जलापूर्ति के लिए ट्रायल शुरू हो गया है। जल विभाग के अनुसार एक महीने में नगर की तीन लाख आबादी को इसका लाभ मिलेगा।
इन इलाकों में होगी जलापूर्ति
करमेता, कुं गवा, सुहागी, खैरी, शिव नगर, मानेगांव, रांझी, गोक लपुर, मदनमहल, भानतलैया, अधारताल, न्यू कंचनपुर, बिलपुरा, मड़ई, वीकल, बेदीनगर, सूपाताल व आसपास के इलाकों में बड़ी आबादी लंबे समय से जलसंकट का सामना कर रही थी। इनमें से कुछ इलाकों में पानी की पुरानी टंकी हैं। उन पर आपूर्ति का ज्यादा दबाव था। जबकि कई जगह एक भी टंकी नहीं थी, ऐसे क्षेत्रों में ट्यूबवेल व टैंकरों से पानी पहुंचाया जाता है। गर्मी में जल स्तर गिरने या मशीन खराब होने पर बिलपुरा, मड़ई, सूपाताल के लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता था।
Published on:
25 Mar 2021 09:22 pm
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