
Tilwara police station cordon
जबलपुर। ओवरटेक के विरोध में तिलवारा पेट्रोल पम्प के सामने कार सवार गंधेरी निवासी सुनील यादव की पिटाई का मामला तूल पकड़ लिया है। प्रकरण में तिलवारा पुलिस द्वारा आरोपियों के बचाव में कार्रवाई न किए जाने से आक्रोशित पीडि़त और उसके परिजन ग्रामीणों के साथ मंगलवार को तिलवारा थाने पहुंचे। थाने का घेराव कर ग्रामीणों ने टीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए घेराव कर प्रदर्शन किया। उधर, एसपी ने पुलिस पर लगे आरोपों की जांच के लिए एएसपी संजीव उईके को जांच सौंपी है।
प्रदर्शन के दौरान पीडि़त गंधेरी निवासी सुनील यादव ने आरोप लगाया कि वह लम्हेटी निवासी मामा मुकेश यादव के घर से रविवार रात 10 बजे के लगभग लौट रहा था। उसके पीछे एक लग्जरी वाहन एमपी 20 सीई 5545 सवार छह सात लोग आए और विवाद किया। इसके बाद उक्तलोगों ने तिलवारा पेट्रोल पम्प के सामने उसे दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। कार यादव कॉलोनी निवासी अनिरूद्ध मेहता के नाम पर रजिस्टर्ड है। उसके साथ तीन पुलिस कर्मी और अन्य लोग थे, जो नशे में धुत थे। डायल-100 पर सूचना देने के बाद एफआरवी लेकर थाने पहुंची। वहां तीनों सूबेदार भी थाने पहुंच गए। सादे कागज पर उसकी शिकायत लेने के बाद मेडिकल कराया, लेकिन तीनों सूबेदारों को बचाने के लिए उनका मेडिकल नहीं कराया गया।
तिलवारा टीआई आरोपियों को बचा रहे-
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने थाना प्रभारी सतीश पटेल पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। कहा कि टीआई ने उसे पैसे दिलवाने का लालच देते हुए समझौता करने का दबाव डालते रहे। रात भर बिठाने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की। टीआई का कहना है कि मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं, इस कारण एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस पूरे विवाद का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें आरोपियों की मारपीट का दृश्य कैद है।
Published on:
23 Sept 2020 01:31 pm
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