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बरसों बाद बना त्रिग्रही योग, राजनैतिक उथलपुथल की भविष्यवाणी

17 नवम्बर से ग्रहों के राजा सूर्य मंगल ग्रह की राशि वृश्चिक में प्रवेश कर गए हैं। शुक्र और बुध ग्रह भी इस समय वृश्चिक राशि मे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इसे त्रिग्रही योग कहा जाता है और ग्रहों की यह युति बरसों बाद बन रही है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि यह योग राजनैतिक उथल पुथल की ओर इशारा करता है। इसके चलते देश-प्रदेश में राजनैतिक हलचल तेज होगी व नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप बढ़ेंगे। क क्षेत्र में उन्नति के योग हैं।

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मंगल की राशि मे सूर्य के साथ बुध व शुक्र ग्रह की युति
जबलपुर।
17 नवम्बर से ग्रहों के राजा सूर्य मंगल ग्रह की राशि वृश्चिक में प्रवेश कर गए हैं। शुक्र और बुध ग्रह भी इस समय वृश्चिक राशि मे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इसे त्रिग्रही योग कहा जाता है और ग्रहों की यह युति बरसों बाद बन रही है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि यह योग राजनैतिक उथल पुथल की ओर इशारा करता है। इसके चलते देश-प्रदेश में राजनैतिक हलचल तेज होगी व नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप बढ़ेंगे।
सूर्य की दूरी बढ़ी, पड़ेगी जोरदार ठंड-
ज्योतिषाचार्य जनार्दन शुक्ला ने बताया कि 14 नवम्बर से बुध ग्रह वृश्चिक राशि मे है। 17 नवम्बर को ग्रहाधिपति सूर्य भी मकर की राशि वृश्चिक में प्रवेश कर गए। शुक्र ग्रह भी वृश्चिक राशि मे है। जब वृश्चिक राशि मे सूर्य, बुध व शुक्र रहते हैं तो पृथ्वी से सूर्य की दूरी बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि इसी वजह से इस माह के उत्तरार्द्ध में ठंड जोर पकड़ने की उम्मीद है।
राजनीति के ग्रह हैं मंगल, सूर्य-
पं शुक्ला ने बताया कि सूर्य व मंगल को राजनीति के ग्रह माना जाता है। मंगल प्रधान राशि मे सूर्य का रहना राजनीतिक अस्थिरता का द्योतक है। उन्होंने बताया कि शुक्र के सूर्य के साथ रहने की वजह से देश मे वैज्ञानिक व आर्थिक क्षेत्र में उन्नति के योग हैं।