10 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मौत को मात: 4 घंटे मलबे में दबा रहा भोला, निकलते ही चल पड़ी सांसें

शहर में निर्माणाधीन बहुमंजिला होटल में हादसा

2 min read
Google source verification
true story of a young man's struggle with the death in hotel collapse,incident in multi-storey hotel under construction in madhya pradesh,incident in multi-storey hotel under construction in jabalpur,incident in multi-storey hotel under construction by kemtani group of jabalpur,hotel collapse 2018,hotel collapse in jabalpur,true story,Real Story,real incident,Jabalpur,jabalpur police,

true story of a young man's struggle with the death in hotel collapse

जबलपुर। वह सिर के बल पर आधा मलबे में दबा हुआ था। देखने वालों ने भी उम्मीद छोड़ दी थी कि उसकी सांसें अब शायद ही बची होंगी, लेकिन सभी का अनुमान गलत निकला..। भोला ने जिंदगी की जंग को जीत लिया। 4 घंटे तक मलबे में दबे रहने के बाद भी वह जीवित निकला। उसे देखते ही एक बार फि लोगों की जुबां पर यह बात आयी कि ऊपर वाले और उसकी विधि का विधान कुछ अलग ही है। जब तक वह न चाहे तब तक सांसों को कोई छीन नहीं सकता। भोला और उसका परिवार बार-बार ईश्वर का धन्यवाद ज्ञापित कर रहा है। बहुमंजिला होटल से गिरकर और फिर घंटों मलबे में दबे रहने के बाद सुरक्षित बच जाने को सब चमत्कार जैसा मान रहे है।

बाहर आते ही मांगा पानी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भोलागिरी याद का कमर का नीचे का हिस्सा होटल की बिल्ंिडग के मलबे में फंसा हुआ था। हादसे के दौरान उसके सिर पर कोई भारी सामान नहीं गिरा, इस कारण वह बच पाया। दुर्घटनास्थल में बचाव कार्य में जुटी एसडीइआरएफ की टीम ने जब भोलागिरी याद को मलबे से बाहर निकला वह अद्र्धबहोशी की हालत में था। उसने सबसे पहले पीने का पानी मांगा। पहले उसे पानी पिलाया गया और फिर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।

खौफनाक था मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक केमतानी बिल्डर्स द्वारा ज्ञानगंगा इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने कौशल्या ग्रेंड नाम से बहुमंजिला होटल का निर्माण किया जा रहा है। ये करीब 6 मंजिला होटल होगा। जिसका स्ट्रक्चर तकरीबन बनकर तैयार था। इसमें जब करीब चालीस फीट की ऊंचाई से बीम जब गिरी तो किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। करीब 25 से अधिक मजदूर बीम और स्लैब के मलबे में दब गए। बच गए लोगों ने जब मलबे में धंसे लोगों की चीखें सुनीं तो उनकी रुह कांप उठी। उन्होंने मंजर को बेहद खौफनाक बताया।

इनकी मौत
- विन्नू उर्फ विनय बारी उम्र 36 वर्ष, निवासी कंजड़ मोहल्ला, थाना बेलबाग
- सुनील दुबे उम्र 30 वर्ष, निवासी पठरा उमरिया, थाना पनागर

ये हुए घायल
- बसंती बाई गौड, उम्र 40 वर्ष, निवासी पड़रिया, कुण्डम,
- प्रतिमा देवी यादव, उम्र 34 वर्ष, निवासी नया गॉव रामपुर,
- शिवकुमार झारिया, उम्र 29 वर्ष निवासी चेरीताल,
- लक्ष्मी बाई गौड़, उम्र 26 वर्ष, निवासी बढैयाखेडा, बरगी
- जुगल किशोर मरावी, उम्र 35 वर्ष निवासी तिलवारा घाट,
- रूपेश कंजड़, उम्र 42 वर्ष निवासी कंजड मोहल्ला,
- नरेश नेताम, उम्र 33 वर्ष निवासी ग्राम बम्हनी, थाना बरगी,
- फूलझर बाई गौड़, उम्र 30 वर्ष निवासी संगम कालोनी,
- शांति बाई गौड़, उम्र 20 वर्ष निवासी दीनदयाल चौक,
- पुनिया बाई गौड़, उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम गुडग़ुड़ी, कुण्डम,
- भागवती बाई गौड़, उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम खुख्खम, कुण्डम,
- मिथलेश समुदे्र उम्र 26 वर्ष निवासी कजड मोहल्ला,
- कालू पटेल, उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम लुहारी माढोताल
- बिहारी लाल गौड़, उम्र 37 वर्ष निवासी सांई नगर, रामपुर,
- गणेश पटेल, उम्र 29 वर्ष निवासी कंजड़ मोहल्ला,
- क्रांति ठाकुर, उम्र 17 वर्ष निवासी बढैया खेड़ा बरगी,
- कमल सिंह मरावी, उम्र 19 वर्ष निवासी नया गॉव, घनसौर, जिला सिवनी,
- भूरी बाई गौड़, उम्र 25 वर्ष निवासी चुंगी संजीवनी नगर,
- रंजना कुसराम, उम्र 20 वर्ष निवासी सांई नगर, रामपुर,
- लक्ष्मी बाई ठाकुर, उम्र 25 वर्ष निवासी जम्हौरी, कुण्डम
- भोला गिरियाम, उम्र 33 वर्ष निवासी नया गॉव घन्सौर सिवनी
- कविता, उम्र 20 वर्ष