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दो वकील गांजा की तस्करी करते रंगे हाथ पकड़े गए, मौके से हथियार भी बरामद

तिलवारा थाना क्षेत्र में क्राइम ब्रांच की कार्रवाई,कार से 53 किलो गांजा बरामद, दो वकीलों सहित पांच आरोपी गिरफ्तार

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MP government lawyers

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जबलपुर। तिलवारा थाना क्षेत्र में कार से गांजा की तस्करी करने आए दो वकील सहित पांच तस्करों को रविवार रात क्राइम ब्रांच और थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनके पास से 53 किलो 270 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसकी कीमत लगभग 5 लाख 30 हजार रुपए बताई जा रही है। आरोपियों के पास से पिस्टल और दो मैगजीन में सात कारतूस भी मिले। आरोपियों के विरुद्ध तिलवारा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट और आम्र्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत कार्रवाई की गई। उन्हें सोमवार को जिला अदालत में पेश किया गया। वहां से अनिल शुक्ला को न्यायिक अभिरक्षा में अस्पताल और बाकी को जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार रविवार रात खबर मिली कि एक अधिवक्ता कार से अपने साथियों के साथ गांजे की खेप लेकर गढ़ा रेलवे स्टेशन के पास दुबे डेयरी के नजदीक खड़ा है। पुलिस ने कार यूपी 66 टी-2121 को घेरा, तो पता चला कि उसमें चालक सहित पांच लोग सवार थे। सभी को उतारकर जांच की गई, तो पीछे की सीट के पास डिक्की में गांजे के 53 पैकेट मिले। आरोपियों में शीतलामाई निवासी 55 वर्षीय हरिहर प्रसाद प्रजापति, तहसील चौक के पास सत्यमेव जयते अपार्टमेंट निवासी 54 वर्षीय अनिल कुमार शुक्ला, संजीवनी नगर दुर्गा कॉलोनी निवासी 26 वर्षीय विवेक राय, अमरपाटन निवासी 34 वर्षीय राजा मिश्रा और दमोह के जबलपुर नाका निवासी 26 वर्षीय अजय यादव है।

पुलिस के अनुसार अनिल शुक्ला व राजा मिश्रा पेशे से अधिवक्ता है। जांच में यह भी पता चला कि वहीं पर अनिल शुक्ला का खेत है। मौके पर दो दोपहिया वाहन भी मिले। इसमें एक बाइक में नम्बर प्लेट नहीं थी। एक अन्य मोपेड एमपी 20 एसएस-7516 को भी मौके से कार के साथ बरामद किया गया।

जिला बार का आरोप-‘पुलिस ने वकीलों को फंसाया’
जिला बार एसोशिएशन जबलपुर के प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को एसपी ऑफिस पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इसके जरिए तिलवारा पुलिस पर अधिवक्ता अनिल शुक्ला, राजा मिश्रा व उनके ड्रायवर को गांजा प्रकरण में फंसाने का आरोप लगाया। तिलवारा थाने के प्रभारी व आरोपी अधिवक्ताओं की मोबाइल लोकेशन व तिलवाराघाट से लेकर तिलवारा थाने के बीच सभी सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की गई। जिला बार एसोशिएशन के अध्यक्ष सुधीर नायक व सचिव राजेश तिवारी ने बताया कि जिन अधिवक्ताओं को फंसाया गया है, वे बेगुनाह हैं। जिला बार एसोशिएशन को भी सूचित करने की जिम्मेदारी पूरी नहीं की गई। दोनों को दोपहर में कोर्ट में पेश किया गया, तब वकील समुदाय को जानकारी लगी।