
Two dean of medical college death
जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के पूर्व डीन डॉ. डीके साकल्ले की मौत को इस माह चार साल हो गए हैं। उनकी मौत के एक साल बाद तत्कालीन डीन डॉ. अरूण शर्मा की भी मौत हुई थी। दोनों डीन की संदिग्ध मौत पर आज भी राज बना हुआ है। इनकी मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए सीबीआइ जांच की भी सिफारिश हुई। आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला। दोनों अधिकारियों की मौत का रहस्य आज तक नहीं सुलझ सका। डॉ. साकल्ले की मौत को आत्महत्या मानते हुए पुलिस ने जांच की फाइल बंद कर दी है। डॉ. शर्मा की मौत के मामले में दिल्ली पुलिस की जांच को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं है।
सेवानिवृत्ति से 25 दिन पहले मौत
डॉ. डीके साकल्ले कॉलेज के सरकारी बंगले में रहते थे। 4 जुलाई, 2014 की सुबह 7 बजे वे अपने बंगले के बरामदे में पेपर पढ़ रहे थे। पत्नी बाहर टहलने गई थी। जब वह वापस लौटी तो देखा कि डॉ. साकल्ले जले हुए बरामदे में पड़े थे। उन्होंने शोर मचाया तो कॉलेज की कैज्युअल्टी से स्टॉफ वहां पहुंचा। उन्हें सीधे आकस्मिक चिकित्सा विभाग ले जाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने साकल्ले को मृत घोषित कर दिया। पुलिस को घटना स्थल से एक केरोसिन की कुप्पी और माचिस मिली। साकल्ले जुलाई में सेवानिवृत्त होने वाले थे।
एमसीआइ जांच में जाने से पहले मौत
डॉ. शर्मा 5 जुलाई, 2015 को दिल्ली एयरपोर्ट के पास एक होटल में मृत में मिले थे। एक दिन पहले 4 जुलाई को सुबह 11 बजे मेडिकल कॉलेज से काम निपटाने के बाद जबलपुर से दोपहर की फ्लाइट से दिल्ली गए थे। उन्हें दिल्ली से 5 जुलाई की सुबह मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की जांच टीम के सदस्य के बतौर एक मेडिकल कॉलेज की जांच के लिए अगरतला जाना था। होटल के स्टाफ ने उनके कमरे में सुबह कॉल किया तो फोन रिसीव नहीं हुआ। खटखटाने पर भी दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को खबर दी गई। दरवाजा तोडऩे पर शर्मा कमरे में मृत हालत में पाए गए।
इसलिए उठते रहे सवाल - दोनों डीन की मौत उस दौरान हुई जब व्यापमं घोटाले की जांच सुर्खियों में थी। मेडिकल कॉलेज में भी फर्जी तरीके से प्रवेश लेने वाले छात्रों की जांच का मामला बेहद गरम था।
इस हाल में मिले थे शव
4 जुलाई 1014 डॉ. साकल्ले सुबह के वक्त अपने सरकारी बंगले में जली हुई हालत में मिले। अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
5 जुलाई 2015 डीन डॉ. अरूण शर्मा दिल्ली की एक होटल में मृत मिले। कमरे का दरवाजा खोलने पर स्लीपिंग ड्रेस में उनका शव बिस्तर पर पड़ा था।
मौत में एक वर्ष और एक दिन का अंतर
दोनों की मौत में एक वर्ष और एक दिन का अंतर।
दोनों की मौत का समय सुबह 6 से 8 बजे के बीच।
दोनों की मौत कॉलेज के डीन पद पर रहने के दौरान हुई।
दोनों डीन पीएमटी फर्जीवाड़े की जांच से जुड़े हुए थे।
डॉ. साकल्ले की मौत की सीबीआइ ने जांच से इनकार किया।
जबलपुर पुलिस ने इसे आत्महत्या मानकर खात्मा लगाया।
डॉ. शर्मा की पीएम रिपोर्ट में मौत को लेकर कोई स्पष्ट वजह नहीं।
Updated on:
14 Jul 2018 02:27 pm
Published on:
14 Jul 2018 02:07 pm
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