
रतलाम। मेडिकल कॉलेज शुरू होने को है और इससे जिला अस्पताल को भी काफी फायदा होने वाला है। मेडिकल कॉलेज में आने वाले जूनियर और सीनियर रेजिडेंड डॉक्टरों के जिला अस्पताल में सेवाएं देने से अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों की भी परेशानी दूर हो जाएगी। वार्ड के मरीज को किसी भी तरह की परेशानी होने पर ओपीडी से डॉक्टर को बुलाने और उनका इंतजार करने की जरुरत नहीं रहेगी। उन्हें वार्ड में ही जूनियर रेजिडेंड के रूप में एक डॉक्टर सुबह से दोपहर तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध मिल जाएगा। इसके बाद भी किसी मरीज को इमरजेंसी है तो वह स्पेशलिस्ट चिकित्सक को सूचना देकर वार्ड में ही बुला सकेगा। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आनंद चंदेलकर बताते हैं कि यह व्यवस्था सारे जूनियर रेजिडेंड डॉक्टरों के ज्वाइन होने के बाद शुरू कर दी जाएगी।
अस्पताल में १० वार्ड
जिला अस्पताल और एमसीएच मिलाकर करीब १० वार्ड है। मेडिकल कॉलेज में ४५ से ज्यादा जूनियर रेजिडेंड डॉक्टरों की जरुरत होगी। इसमें से आधे से ज्यादा इस समय ज्वाइन कर चुके हैं। जिला अस्पताल के मेल, फीमेल मेडिकल वार्ड के अलावा, ट्रामा, इमरजेंसी, सर्जिकल, बर्न, बच्चा वार्ड, गायनिक वार्ड, एसएनसीयू, पीआईसीयू, बर्न यूनिट आदि में हर एक में जूनियर रेजिडेंड की ड्यूटी लगाई जाएगी।
अस्पताल के डॉक्टर पूर्व की तरह करेंगे काम
जिला अस्पताल के डॉक्टर और स्पेशलिस्ट पहले की तरह ही जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं देते रहेंगे। इनके काम में मेडिकल कॉलेज आने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। वार्डों में कार्यरत जूनियर रेजिडेंड डॉक्टरों को जरुरत पडऩे पर जिला अस्पताल के स्पेशलिस्ट चिकित्सक उपलब्ध रहेंगे। जरुरत लगने पर वे तुरंत ही मरीजों को देखेंगे और यदि स्पेशलिस्ट की जरुरत होगी तो संदेश देकर बुलवा सकेंगे।
अस्पताल को मिलेगी मदद
मेडिकल कॉलेज में जूनियर रेजिडेंड डॉक्टरों के आने से जिला अस्पताल को काफी मदद मिलेगी। वार्डों में इनकी ड्यूटी लगाई जाएगी जिससे वे वार्डों में ही मरीजों को देखकर इलाज कर सकें। अस्पताल के डॉक्टर अपनी जगह पहले की तरह ही कार्य करते रहेंगे। इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।
डॉ. आनंद चंदेलकर, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल
करंट लगने से युवक झुलसा
नामली। नगर में एक स्थान पर टेंट लगाए जाने के दौरान वहां काम करने वाला श्रमिक करंट की चपेट में आ गया। उसे झुलसी हालत में कुछ लोगों ने जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है। पुलिस के अनुसार हादसे में शिवगढ़ के पाटड़ा निवासी सुरेश पिता देवजी ३० को करंट लगा है। वह गांव में प्रमोद नाम के युवक के यहां शादी होने पर टेंट लगाने गया था। इस दौरान पाइप लगाते समय वह करंट की चपेट में आ गया था। पुलिस भी घटना के संबंध में पीडि़त से जानकारी जुटा रही है।
Published on:
21 Apr 2018 05:00 pm
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