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स्टूडेंट्स ध्यान से पढ़ें यह खबर, नीट में नहीं बदलेगा आपका शहर और सेंटर

मुख्यालय पर ऐसे प्रार्थना पत्र भी स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

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no city and center change in NEET

no city and center change in NEET

सीबीएसई नेशनल एलिजिबिलिटी कम एन्ट्रेंस टेस्ट (नीट) के लिए विद्यार्थियों के परीक्षा केंद्र और शहर में कोई बदलाव नहीं करेगा। बोर्ड ने इसको लेकर आदेश जारी कर दिए हैं।

मेडिकल और डेंटल कॉलेज में प्रवेश के लिए सीबीएसई 6 मई को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एन्ट्रेंस टेस्ट का आयोजन करेगा। इसके प्रवेश पत्र वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। बोर्ड ने साफ किया है, कि किसी भी विद्यार्थी के परीक्षा केंद्र और शहर में बदलाव नहीं होगा। मुख्यालय पर ऐसे प्रार्थना पत्र भी स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

विद्यार्थियों ने फार्म जो शहर चुने हैं, उन्हें वहीं पर आवंटित केंद्रों पर परीक्षा देनी हेागी। मालूम हो कि राजस्थान में अजमेर , बीकानेर , जयपुर, जोधपुर , कोटा और उदयपुर में नीट परीक्षा होगी।

इस बार उर्दू में भी पेपर

सीबीएसई पहली बार उर्दू भाषा में भी नीट का पेपर तैयार करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस्लामिक स्टूडेंट यूनियन की याचिका के बाद पिछले साल यह आदेश दिए थे। मालूम हो कि नीट का पेपर अंग्रेजी अैार हिंदी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में भी आता है। इस बार करीब 14 लाख विद्यार्थियों ने नीट के फार्म भरे हैं।

नहीं ला सकेंगे कोई सामान
नीट में विद्यार्थी पिछले साल की तरह कोई सामान नहीं ला सकेंगे। उन्हें घड़ी, चूड़ी, बेल्ट बिंदी, ईयर रिंग, कड़ा, कंघा, अंगूठी और अन्य सामान लाने की इजाजत नहीं होगी। सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी जांच होगी। विद्यार्थियों को केंद्र के बाहर ही यह सामान छोडऩे होंगे। इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए ड्रेस कोड भी तय हुआ है। नीट के दौरान विद्यार्थियों को हल्के रंग के कपड़े पहनने होंगे।

क्यों अहम है परीक्षा
देश भर के मेडिकल और डेंटल कॉलेज में प्रवेश के लिए नीट परीक्षा कराई जाती है। इसमें मेडिकल और डेंटल कोटे की सीट शामिल होते हैं। सीबीएसई परीक्षा कराने और परिणाम जारी करने के बाद मेडिकल कॉउंसिल ऑफ इंडिया को दस्तावेज सौंप देता है। बाद में विद्यार्थियों को रैंकिंग और श्रेणीवार आरक्षण के अनुसार कॉलेज आवंटित होते हैं। इन कॉलेज में उन्हें प्रवेश लेकर एमबीबीएस करनी होती है।

पहले होती थी एआईपीएमटी
सीबीएसई तीन साल पहले तक एआईपीएमटी परीक्षा कराता था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नीट परीक्षा कराई जाने लगी है। इसमें प्राइवेट और सरकारी मेडिकल और डेंटल कॉलेज शामिल होते हैं।
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