Underground electric cabling योजना का बुरा हाल, जहां-तहां देख सकते हैं झूलते तार

-दो साल पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरू हुआ था काम
-स्मार्ट सिटी योजना में शामिल होते ही काम ठप

 

By: Ajay Chaturvedi

Published: 02 Sep 2020, 01:38 PM IST

जबलपुर. शहरों को चमकाने, उनका सौदर्यीकरण करने और आमजन को रोज-रोज की मुसीबतों से निजात दिलाने के उद्देश्य से शुरू हुई Underground electric cabling योजना का बुरा हाल है। ऐसा नहीं कि यह केवल जबलपुर का ही रोना है, बल्कि देश के अधिकांश शहरों में बिजली के तारों को भूमिगत करने की योजना मूर्त रूप नहीं ले पा रही है। जबलपुर की जहां तक बात है तो इसे तो स्मार्ट सिटी योजना ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। सारा काम जहां के तहां ठप पड़ा है। शहर के सौंदर्यीकरण का सपना अब सपना ही बन कर रहा गया है।

बता दें कि दो साल पहले पॉयलेट प्रोजेक्ट के तहत शहर के मुख्य मार्गों से सर्विस लाइनों को हटाने का काम शुरू हुआ। कुछ ही दिनों में सड़कों पर मकड़ी के जाले की तरह झूलते बिजली के तारों को हटाया गया तो मार्ग सुंदर दिखने लगा। इसी बीच बिजली कंपनी ने इस प्रोजेक्ट को स्मार्ट सिटी में लागू करने का प्रस्ताव दिया। करीब 8 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया गया। लेकिन ये क्या स्मार्ट सिटी योजना में शामिल होते ही सब कुछ ठंडा पड़ गया।

दो साल पहले जब बिजली कंपनी ने शहर के झूलते तारों को हटाने के लिए पायलेट प्रोजेक्ट के तहत काम शुरू किया तो योजना के तहत करीब एक किमी की सड़क चुनी गई। छोटी लाइन फाटक से गोरखपुर थाने के सामने की सड़क के बीच जो सर्विस लाइनें सड़क को क्रॉस कर रही थीं उन्हें हटाया गया। तारों को हटाने के लिए कंपनी ने लाइन को शिफ्ट करने के लिए अलग से पोल लगाए। सड़क से जगह-जगह सर्विस लाइन निकाले बिना ही सीधे मकान-दुकान के किनारे लगे पोल से सप्लाई जोड़ी गई। अब सड़क पूरी तरह सर्विस लाइन से मुक्त हो चुकी है। दिन हो या रात देखने में अच्छा लगता था। अब विभिन्न तीज त्योहारों पर निकलने वाले धार्मिक जुलूसों के दौरान प्रतिमाओं के किसी बिजली के तारों से छूने और करंट आदि उतरने का खतरा कम से कम इन मार्गों से तो टल सा गया था। लोंगो को लगा कि पूरे शहर के तारों का जंजाल जब हट जाएगा तो शहर भी सुंदर दिखेगा और किसी को परेशानी भी नहीं होगी। लेकिन सारे सपने दिवा स्वप्न बन कर रह गए।

इन इलाकों से होनी थी शुरुआत

क्षेत्र- दूरी- लागत

-बड़ा फुहारा से बल्देवबाग 2.16 किमी 21 लाख
-सुपर मार्केट से लॉर्डगंज थाना 1 किमी 11.50 लाख
-मोतीनाला पुराना पुल से गोहलपुर 3 किमी 21.40 लाख
-खमरिया गेट से मोतीनाला 3.60 किमी 26.98 लाख
-मढ़ाताल बिजली ऑफिस से सुपर मार्केट 0.70 किमी 10.20 लाख
-लार्डगंज थाना से खमरिया गेट 7.20 किमी 7.20 लाख
-रानीताल तिराहा से फूलमंडी 1.80 किमी 18.80 लाख
-बडा फुहारा से तुलाराम चौक 2.10 किमी 16.70 लाख
-तुलाराम चौक से घंटाघर चौक 2.10 किमी 17.80 लाख
-गोरखपुर सब्जी मार्केट से गोरखपुर बाजार 1 किमी 12.12 लाख
-राइट टाउन इलाका 3.2 किमी 18.18 लाख
-नगर संभाग पूर्व में 25.9 किमी 94 लाख

कोट
"सड़क के ऊपर से निकलने वाली सर्विस लाइन को शिफ्ट करने के पायलेट प्रोजेक्ट पर काम किया गया था। आगे के काम के लिए स्मार्ट सिटी को दिया था ताकि शहर के अन्य इलाकों से सर्विस लाइन अलग की जा सके, लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ।-पीके क्षत्रिय, सीजीएम ऑपरेशन पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी

Ajay Chaturvedi
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