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वाशिंग पिट में नहा रहे थे नाग-नागिन, फिर जो हुआ उसे देख हैरान रह गए लोग

प्रेमालाप में डूबा था नाग नागिन का जोड़ा

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unique love story of nag nagin

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जबलपुर। नाग और नागिन की प्रेम कहानी हमेशा से ही लोगों के लिए कौतूहल का विषय रही है। रियल लाइफ में भले ही माजरा कुछ और हो लेकिन रील लाइफ में फिल्मों ने इन्हें बेहद मनोरंजक बना दिया है। इच्छाधारी नाग-नागिन और नाग-नागिन के प्यार को लेकर अलग-अलग किस्से हैं। ऐसा ही एक किस्सा रविवार को रेलवे यार्ड के कोचिंग काम्पलेक्स में चर्चा का विषय बना रहा। दरअसल यहां वाशिंग पिट में नाग-नागिन का एक जोड़ा सुकून से प्रेमालाप कर रहा था। जैसे ही कर्मचारी वहां पहुंचे, जोड़ा क्रोधित हो गया। प्यार में दखल देने वालों को उन्होंने फुंफकार कर वहां से चले जाने की चेतावनी दी। हुआ भी यही नाग-नागिन का अंदाज देखकर कर्मचारी वहां से भाग खड़े हुए। कर्मचारी करीब एक घंटे बाद वापस लौटे तो जोड़ा वहां से गायब हो चुका था। उनकी मौजूदगी और फिर अचानक गायब होने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं रहीं। हालांकि जानकारों का मानना है कि यह सर्पों के प्रेम-प्रसंग और प्रजनन की ही रितु है। नाग-नागिन का प्रेमालाप एक सामान्य प्राकृतिक किया है।

एक-दूसरे से अठखेलियां
प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार सुबह जब कर्मचारी वाशिंग पिट में पहुंचे तो वहां उन्हें नाग-नागिन को जोड़ा प्रेम आलिंगन करते हुए दिखा। नाग-नागिन कभी आपस में एक-दूजे लिपटे तो कभी एक-दूजे के फन से फन मिलाकर प्यार की मुद्रा में दिख रहे थे। जैसे ही कर्मचारियों पर उनकी नजर पड़ी। वे फन फैलाकर फुंफकारने लगे। यह देखकर काम कर रहे कर्मचारी काम छोड़कर भाग खड़े हुए। इस घटना की सूचना कर्मचारियों ने विभाग के अधिकारियों को दी गई। कर्मचारियों का कहना था कि पिट में पर्याप्त रोशनी और सफाई की व्यवस्था न होने के कारण इस तरह की घटनाएं जब तब सामने आती है। विद्युत विभाग से पर्याप्त रोशनी के प्रबंध करने के लिए कहा गया।

फिर नहीं मिला जोड़ा
बताया जाता है रेलवे यार्ड स्थित कोचिंग काम्पलेक्स में ६ वाशिंग पिट हैं। जिनमें गाडियों की धुलाई और मैंटेनेंस किया जाता है। पिट चार और पांच में जब कर्मचारी कोचों की सफाई में लगे थे उसी दौरान काले सांपों को जोड़ों को देखकर दहशत में आ गए। और काम छोड़कर भाग खड़े हुए। करीब एक घंट बाद कर्मचारी वापस पहुंचे तो वह जोड़ा उन्हें वहां नहीं मिला। खोजबीन और फिर पूरी तसल्ली के बाद फिर से वहां काम शुरू किया गया। हालांकि इस दौरान भी दहशत बनी रही।

पूर्व में भी हुई घटनाएं
कर्मचारियों ने कहा कि शाम ढलते ही रात में अंधेरे के चलते जहरीले जंतुओं के आने का खतरा बन जाता है। पिट नंबर दो, चार और पांच में कुछ एेसी ही स्थिति है। यहां पर्याप्त हाईमास्क की व्यवस्था नहीं है। वहीं यार्ड में चूहों की बढ़ती संख्या के चलते सांप भी इन्हें निवाला बनाने के लिए चले आते हैं। कुछ दिनों पूर्व भी एेसी ही एक घटना हुई थी।

बारिश में सामान्य बात
सर्प विशेषज्ञ गजेन्द्र दुबे का कहना है कि बारिश की यह ऋतु नाग-नागिन के लिए प्रेमालाप और प्रजनन की ही होती है। वर्षा ऋतु में इस तरह के नजारे कई जगह दिखते हैं। इसमें कोई असामान्य बात नहीं है। यह जरूर सावधानी रखना चाहिए कि लोगों को प्रेम आलिंगन बद्ध नाग-नागिन के कभी करीब या पास में नहीं जाना चाहिए। इस समय किसी के दखल को वे बर्दाश्त नहीं कर पाते। कई मर्तबा तो नाग पीछा करना शुरू कर देते हैं। यदि कभी ऐसी स्थिति बने तो पीछे आ रहे नाग या नागिन पर कपड़ा या शर्ट उतारकर छोड़ देना चाहिए। वे उसी में लिपट जाएंगे और उनका क्रोध शांत हो जाएगा।