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युवा पीढ़ी को भविष्य की दिशा बताते हैं विवि, कालेज : मंत्री डाॅ. यादव

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-विश्वविद्यालय में विकास की संभावनाएं पर परिचर्चा का आयोजन  

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University, colleges tell the young generation the direction of the fu

University, colleges tell the young generation the direction of the fu

जबलपुर ।

विश्वविद्यालय और महाविद्यालय आने वाली पीढ़ियों की दिशा बदलने और और उन्हें भविष्य के लिए तैयार कर मार्गदर्शन प्रदान करने का कार्य करते हैं। इनके उत्तरोत्तर उन्नयन के लिए मप्र शासन उच्च शिक्षा विभाग सत्त क्रियाशील है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का गौरवपूर्ण इतिहास रहा है, इसे उत्कृष्टता के शिखर पर पहुंचाने के लिये मुख्यमंत्री की प्रेरणा से विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तावित मेडिकल शिक्षा एवं कृषि शिक्षा को मूर्त स्वरूप प्रदान करने की दिशा में सकारात्मक प्रयास किये जायेंगे। उपरोक्त उद्गार उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. मोहन यादव ने रविवार को विश्वविद्यालय में आयोजित परिचर्चा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये। राष्ट्रीय शिक्षा नीति- विश्वविद्यालय की संभावनाएं विषय पर आयोजित परिचर्चा का शुभारंभ मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. मोहन यादव, विशिष्ट अतिथि अशोक रोहाणी, विधायक केंट विधानसभा, कार्यक्रम अध्यक्ष कुलपति प्रो. कपिल देव मिश्र, प्रभारी कुलसचिव डाॅ. दीपेश मिश्रा एवं आयोजन संयोजक प्रो.राकेश बाजपेयी द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष द्वीप प्रज्जवलन कर किया गया।
डाॅ. यादव ने वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्यपूर्ण इतिहास को और उज्जवल बनने और महापुरूषों के इतिहास के अनछुए पन्नों को शोधपीठ और रिसर्च के माध्यम से दुनिया के समक्ष लाने का आव्हान शिक्षाविदें एवं विद्वतजनों से किया। उन्होंने बताया कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संकल्पना देश के युवाओं को वैश्विक क्षितिज पर उत्कृष्ट बनाने की है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य भी युवाओं को वर्तमान वैश्विक परिदृश्य के अनुसार शिक्षा और कौशल प्रदान कर आत्मनिर्भर और स्वावलम्बी बनाने पर जोर देता है।

स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कुलपति प्रो. कपिल देव मिश्र ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और वैश्विक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए ज्ञान और कौशल में वृद्धि करने पर केन्द्रित है। यह युवाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलम्बी बनने के साथ नई पीढ़ि को संस्कारित और चरित्रवान बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। कुलपति प्रो.मिश्र ने विश्वविद्यालय में नवाचारों एवं शैक्षणिक गुणवत्ता के लिए किये जा रहे प्रयासों की विस्तार से जानकारी भी दी।

संसाधनों के विकास के लिये मिलेंगे 5 करोड़
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में भवनों एवं संसाधनों के विकास के लिए उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव ने 5 करोड़ की राशि प्रदान करने की घोषणा की है। उन्होने रादुविवि में शीध्र रिक्त पदों पर नई भर्तियां करने , कोरोना काल का ग्रास बने लोगों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति करने एवं प्रस्तावित मेडिकल शिक्षा के लिए शासकीय अस्पतालों को विवि से जोड़ने जैसे कार्यों में पूर्ण सहयोग देने की बात कही।

शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी है रादुविवि
विशिष्ट अतिथि केंट विधायक अशोक रोहाणी ने कहा कि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की ख्याति न सिर्फ देश बल्कि विदेशों में भी है। शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय का नाम अग्रणी है। इसका विकास नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप हो उच्च शिक्षामंत्री से निवेदन किया कि विश्वविद्यालय विकास की योजनाओं को शीध्र मूर्तरूप प्रदान करने जनप्रतिनिधयों और प्रशासनिक बैठकों का आयोजन किया जाए जिससे निर्णय शीध्र हो सके।

शैक्षणिक उन्नयन की जानकारी
परिचर्चा में सामाजिक विज्ञान एवं प्रबंधन संकाय की विस्तृत जानकारी देते हुए प्रो. शैलेष चैबे ने शैक्षणिक उन्नयन की विस्तृत जानकारी प्रदान की। संचालन छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. विवेक मिश्रा एवं आभार प्रदर्शन कुलसचिव डाॅ.दीेपेश मिश्रा ने किया। इस अवसर पर संकायाध्यक्ष प्रो. सुरेन्द्र सिंह, प्रो.राकेश बाजपेयी, प्रो.धीरेन्द्र पाठक, प्रो.अलका नायक, प्रो.एसएस पाण्डेय, प्रो.आरके यादव, प्रो. एसएन बागची, विवि वित्त नियंत्रकरोहित सिंह कौशल, सहायक कुलसचिव अभयकांत मिश्रा, नैक आईक्यूएसी समन्वयक डाॅ. राजेश्वरी राणा, विवि आॅनलाईन नोडल अधिकारी डाॅ. आरके गुप्ता, विवि अध्यापक मंडल अध्यक्ष प्रो. भरत कुमार तिवारी, सचिव डाॅ. लोकेश श्रीवास्तव, अधिकारी, कर्मचारी एवं अतिथि विद्वान मौजूद रहे।

अध्यापक मंडल ने सौंपा ज्ञापन
यू.जी.सी. सातवें पुनरीक्षित वेतनमान के एरियर्स की 50% की राशि का भुगतान करने की मांग को लेकर अध्यक्ष प्रोफेसर भरत तिवारी सचिव प्रोफेसर लोकेश श्रीवास्तव ने ज्ञापन सौंपा। संगठन के कहा कि शिक्षकों के एरियर्स पर अनावश्यक रोक लगा दी परिणाम स्वरूप आज दिनांक तक शिक्षकों के एरियर्स की राशि का भुगतान नहीं किया गया ।

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