
The cost of green vegetables has exceeded
जबलपुर. हरी सब्जी की कीमत फलों से ज्यादा हो गई है। मेथी की भाजी 100 रुपए से लेकर 120 रुपए किलो तक बिक रही है। पालक और लाल भाजी 40 से 50 रुपए किलो बिक रही है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों से हरी सब्जियों की आवक शुरू होने पर भी कीमतों पर ज्यादा असर नहीं दिखाई दे रहा है।
ठंड का मौसम शुरू होने पर स्थानीय सब्जियां आने लगती हैं, तो लोगों को राहत मिलती है। पालक, लालभाजी, मेथी की भाजी, चने की भाजी बाजार में आने से दूसरी सब्जियों की कीमतें अपने आप कम हो जाती हैं। लेकिन, इस बार स्थिति विपरीत है। थोक सब्जी व्यापारी संघ के सचिव प्रवीण कुशवाहा का कहना है कि स्थानीय स्तर पर आवक तेज हो जाएगी, तब कीमतों में राहत की उम्मीद है।
थोक और फुटकर में बड़ा अंतर
सब्जियों के थोक एवं फुटकर दामों में बड़ा अंतर रहता है। सब्जी विक्रेता मंडी से जितनी दूर इन्हें लेकर जाता है, उस हिसाब से वह उनकी कीमत तय कर लेता है। रांझी, सदर, गोरखपुर, ग्वारीघाट आदि कुछ दूरदराज के क्षेत्रों में इनके दाम बिल्कुल अलग होते हैं। इसलिए लोग उस जगह सब्जियां लेने जाते हैं, जहां उचित दाम मिलता हो।
इन सब्जियों को खरीदना मुश्किल
अभी मेथी और चने की भाजी 100 रुपए किलो से ऊपर बिक रही है। बरबटी 50 से 60 रुपए किलो मिल रही है। शिमला मिर्च के भाव 60 से 70 रुपए किलो तक हो गए हैं। टमाटर का कोई भरोसा नहीं है। वह कभी 60 रुपए किलो बिक जाता है, तो कभी 40 रुपए किलो। ये हैं
सब्जियों के दाम
सब्जी---थोक-- फुटकर
मेथी भाजी 70-80 100-120
गिलकी 30-35 40-50
परबल 60-70 100-120
बरबटी 25-30 50-60
भिंडी 20-25 35-40
लौकी 12-15 25-30
टमाटर 30-35 40-60
गोभी फूल 20-25 30-40
शिमला 50-55 70-80
पालक 15-18 25-40
Published on:
01 Nov 2021 11:40 am
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