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military vehicles: भारतीय सेना के लिए इस शहर में बनेंगे एक हजार सैन्य वाहन

military vehicles: भारतीय सेना के लिए इस शहर में बनेंगे एक हजार सैन्य वाहन  

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Vehicle Factory Jabalpur

Vehicle Factory Jabalpur

जबलपुर. वीकल फैक्ट्री जबलपुर (वीएफजे) एक हजार सैन्य वाहनों की आपूर्ति सेना को करेगा। इनमें स्टालियन और एलपीटीए वाहन और चेचिस शामिल है। सेना से बड़ा ऑर्डर मिलने से फैक्टी के करीब तीन हजार कर्मचारियों की वर्कलोड की समस्या दूर हो जाएगी। अभी सिर्फ सुरंगरोधी वाहन, बुलेट प्रूफिंग और यूटीडी इंजन की ओवरहॉलिंग से फैक्ट्री का काम चल रहा था।

वीएफजे को मिला 370 करोड़ रुपए के सैन्य वाहनों का ऑर्डर
स्टालियन और एलपीटीए वाहन का होगा उत्पादन

इनका होगा निर्माण
फैक्ट्री को चालू वित्त वर्ष के लिए 800 स्टालियन वाहन, 180 एलपीटीए वाहन और 18 स्टालियन की चेचिस का ऑर्डर मिला है। चेचिस पर वॉटर बाउजर और दूसरे प्रोडक्ट तैयार किए जाते हैं। इन वाहनों की कीमत 370 करोड़ रुपए है। वहीं पहले से सुरंगरोधी वाहन यहां बन रहा है। इसकी आपूर्ति सेना के साथ अर्धसैनिक बल और राज्यों की पुलिस को भी होती है।

25 साल से हो रहा उत्पादन
पहले शक्तिमान वाहन का निर्माण वीएफजे में होता था। सेना की आवश्यकताओं को देखते हुए टाटा और अशोक लीलैंड कंपनी से ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी के तहत एलपीटीए और स्टालियन वाहन का उत्पादन 1998 से शुरू हुआ था। तब से दोनों वाहन यहां बन रहे हैं।

सैन्य परिवहन में उपयोगी हैं दोनों वाहन
स्टालियन और एलपीटीए वाहन फैक्ट्री के उत्पादन का आधार हैं। सेना को भी इनकी जरुरत हमेशा रहती है। दोनों वाहन सैनिकों के साथ हथियार और गोला-बारूद को दुर्गम स्थानों पर आसानी से ले जाने के काम आते हैं।


फैक्ट्री को सेना की तरफ से 998 सैन्य वाहनों का ऑर्डर मिला है। इनकी कीमत 370 करोड़ रुपए है। फैक्ट्री के पास पर्याप्त वर्कलोड बना रहे, इसके प्रयास किए जा रहे हैं

रामेश्वर मीणा, संयुक्त महाप्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी वीएफजे