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कोरोना काल में यहां चालू हुआ बेहद खास सिस्टम

जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में में ऑटो आरएनए एक्सट्रक्शन मशीन से जांच शुरू, जांच का दूसरा चरण अब 40 मिनट में

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जबलपुर। कोरोना काल में जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना पीसीआर टेस्ट के दौरान आरएनए एक्सट्रक्शन की प्रक्रिया का ऑटोमेटिक सिस्टम शुरू हो गया। ऑटो आरएनए एक्सट्रक्शन मशीन इंस्टॉल होने के बाद पहले ही दिन ऑटो आरएनए मशीन में फुल स्लॉट के दो रन लिए गए। एक बार में 96 नमूने के स्लॉट वाली इस मशीन पर अब पीसीआर टेस्ट का दूसरा चरण 30-40 मिनट में हो जाएगा। कोरोना जांच में नमूने से आरएनए को अलग करने का यह तीसरा चरण ही जटिल माना जाता है। रोटरी के सहयोग वायरोलॉजी लैब में स्थापित की गई इस मशीन का कई दिनों से इंतजार था। अब इस मशीन के जरिए पसीआर का दूसरा टेस्ट ऑटोमेटिक और कम समय में पूरा हो जाने से मेन पॉवर की बचत होगी। ये पीसीआर टेस्ट के अन्य चरणों में सहयोग करेंगे। इससे प्रतिदिन नमूने की जांच क्षमता में विस्तार होगा। अगले सप्ताह से लैब में रोजाना पांच सौ तक नमूने की जांच हो सकेगी। नमूने की जांच के चार चरण
- लिस्ंिटग और शॉर्ट आउट करना।
- सैम्पल प्रिपरेशन
- आरएनए एक्सट्रक्शन
- पीसीआर फायनल
6-7 स्टेप एक साथ पूरे होंगे
आरएनए एक्सट्रक्शन की प्रक्रिया में 6-7 स्टेप होते हैं। अभी तक टेक्नीशियन यह जांच कर रहे थे। वे करीब दो से तीन घंटे में 48 के लगभग नमूने जांच पाते थे। नई मशीन में जरुरी तैयारी के साथ एक साथ 96 नमूनों को जांच के लिए इन्सर्ट किया जाएगा। मशीन एक्सट्रक्शन के सभी 6-7 स्टेप को चालीस मिनट के अंदर पूरा करके फायनल टेस्ट के लिए नमूने जनरेट कर देगी। इस प्रक्रिया में कम समय लगने से बाकी प्रक्रिया में तेजी आ जाएगी। इससे अभी जहां लगातार काम करके एक दिन में 350-370 नमूने जांचें जा रहे हैं। यह बढ़कर पांच के करीब हो जाएंगे।
वायरोलॉजी लैब की स्थिति
- 500 सौ के करीब नमूने की जांच प्रतिदिन हो सकेगी
- 250 सौ नमूने की औसतन प्रतिदिन जांच की जा रही है
- 370 नमूने तक एक दिन में अधिकतम जांचें गए हैं
ऑटो आरएनए एक्सट्रक्शन से फायदा
- 96 नमूने के स्लॉट का एक्सट्रक्शन डेढ़ घंटे में हो जाएगा।
- 80 नमूने अभी मेनुअल तरीके से तीन घंटे में जांचें जाते हैं।
- 7-8 घंटे की कोरोना टेस्ट की प्रक्रिया में एक्सट्रक्शन में ही ज्यादा वक्त लगता है।
माइक्रोबोयोलॉजी के एचओडी डॉ. रीति सेठ ऑटो आरएनए एक्सट्रक्शन मशीन पर काम शुरू हो गया है। फुल कैपिसिटी के साथ नमूने एक्सट्रक्शन का रन लिया जा रहा है। इस मशीन के आने से अब वायरोलॉजी लैब में ज्यादा नमूने की जांच सम्भव होगी।