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गेहूं-चना से वेयर हाउस भरे, धान रखने के लिए जगह नहीं

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी : इस बार भंडारण के लिए करनी पड़ेगी मशक्कत

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Warehouses filled with wheat-gram, no place to keep paddy

शाजापुर में सड़क हादसा, ट्रक प्रतापगढ़ (राजस्थान) से अहमदाबाद (गुजरात) की ओर जा रहा था,शाजापुर में सड़क हादसा, ट्रक प्रतापगढ़ (राजस्थान) से अहमदाबाद (गुजरात) की ओर जा रहा था,Warehouses filled with wheat-gram, no place to keep paddy

जबलपुर. सिहोरा. सिहोरा और मझौली तहसील के सभी वेयरहाउस और निजी गोदाम उपज से भरे पड़े हैं। इस बार समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी के बाद भंडारण के लिए विपणन संघ को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। वैसे भी इस बार धान की बम्पर पैदावार के चलते समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन का काम जोरों से चल रहा है। रजिस्ट्रेशन की संख्या को देखते हुए गेहूं की तरह ही धान की बम्पर आवक सोसायटियों में विक्रय के लिए पहुंचेगी।

वेयर हाउस कॉर्पोरेशन के सिहोरा में पांच सरकारी गोदाम हैं, वहीं 42 निजी गोदामों को वेयरहाउस कॉर्पोरेशन ने किराए पर लिया है। समर्थन मूल्य पर गेहूं और चना की खरीदी के दौरान यह सभी वेयरहाउस भरे पड़े हैं। विभाग के मुताबिक अधिकतर गोदामों में जगह खाली नहीं बची है। खरीदी शुरू होने के पहले यदि पीडीएस के लिए गेहूं का उठाव शुरू भी हो जाता है। इसके बावजूद इन गोदामों में इतनी जगह नहीं बचेगी कि धान का भंडारण किया जा सके। ऐसी स्थिति में समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान का भंडारण करना विपणन संघ के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होगा।

गोदामों में भंडारण की स्थिति
वेयरहाउस लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के सिहोरा में स्थित पांच गोदामों की क्षमता छह हजार मीट्रिक टन है, जिसमें समर्थन मूल्य का गेहूं भंडारित है, वहीं सिहोरा और मझौली में किराए पर लिए गए 42 वेयरहाउस में 95 हजार मीट्रिक टन अनाज भंडारित है। कृषि उपज मंडी एक वेयरहाउस में समर्थन मूल्य पर हुई चने की खरीदी के चलते दो हजार मीट्रिक टन चने का भंडारण किया गया। हरगढ़ स्थित साइलो बैग में भी गेहूं का उठाव पीडीएस के लिए नहीं हुआ। वहां भी पूरी तरीके से भरा पड़ा है।

42 हजार हेक्टेयर में धान की बोवनी, बम्पर आवक का अनुमान
वैसे भी इस बार खरीफ की फसल धान सिहोरा और मझौली में करीब 42 हजार हेक्टेयर रकबे में बोवनी गई है। ऐसे में बम्पर आवक का अनुमान अभी से लगाया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी बिक्री के लिए सिहोरा और मझौली तहसील की 22 समितियों में 13 अक्टूबर तक 11455 किसानों ने पंजीयन करवा लिया है। अभी पंजीयन में तीन दिन शेष हैं। ऐसे में यह आंकड़ा 13 हजार तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।

सभी शासकीय एवं निजी गोदाम पूरी तरह भरे पड़े हैं। स्थिति ये है कि सायलो बैग और ओपन कैप में जगह ही नहीं है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान भंडारण के लिए गोसलपुर क्षेत्र में ओपन कैप की व्यवस्था करनी पड़ेगी।
जेपी गौर,मैनेजर, वेयर हाउस लॉजिस्टिक कार्पोरेशन, सिहोरा