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Water Harvesting : रेस्ट हाउस, बंगले, कॉलोनी में नहीं पानी सहेजने का इंतजाम

Water Harvesting : रेस्ट हाउस, बंगले, कॉलोनी में नहीं पानी सहेजने का इंतजाम  

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Water Harvesting

जबलपुर. शहर में कई एकड़ में बने सरकारी महकमों के कार्यालय से लेकर रेस्ट हाउस, बंगले, कर्मचारियों की कॉलोनी की बड़ी संख्या है। इन परिसरों में भूगर्भीय जल का जमकर दोहन हो रहा है, लेकिन वर्षा जल संवर्धन के लिए कोई पहल नहीं हो रही है। हर साल बारिश सीजन में लाखों लीटर अमृत बह जा रहा है। लेकिन उसे सहेजने जिला प्रशासन, नगर निगम से लेकर अन्य विभागों, संस्थानों के प्रमुख कोई पहल नहीं कर रहे हैं।

15 से 25 हजार का खर्च
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी परिसर में छोटी वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट स्थापित करने पर10-15 हजार और बड़ी यूनिट बनाने में 25 हजार रुपएका खर्च आता है। यह एक बार का निवेश है, इससे जीवनभर के लिए अपने परिसर में वर्षा जल सहेजकर भू जल संवर्धन किया जा सकता है।

यह है स्थिति
70 से ज्यादा बड़े कार्यालय,
16 निगम के जोन कार्यालय समेत 2250 सरकारी स्कूल
13 सरकारी कॉलेज 5 यूनिवर्सिटी
30 से ज्यादा बड़े सरकारी बंगले
50 के लगभग सरकारी कर्मचारियों के रहवासी क्षेत्र
25 के लगभग सरकारी रेस्ट हाउस

भू जल स्तर गिरता जा रहा है, ऐसे में भू जल संवर्धन समय की सबसे बड़ी मांग है। न्यूनतम खर्चे पर वाटर हार्वेस्टिंग यूनिट तैयार की जा सकती है। एक बार के निवेश पर जीवनभर ये इकाई उपयोगी होती हैं।
- इंजी. संजय वर्मा, स्ट्रक्चर इंजीनियर व टाउन प्लानर