20 फीसदी वार्डों में पानी आपूर्ति करने वाले परिसर की सुरक्षा दांव पर
जबलपुर। शहर के 20 फीसदी से ज्यादा वार्डों के नागरिकों को पानी मुहैया कराने वाले रांझी जलशोधन संयंत्र परिसर की सुरक्षा हमेशा दांव पर लगी रहती है। परिसर में दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। इसकी एक वजह परिसर में कर्मचारियों के आवास भी हैं। मुख्य गेट पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती रहती है, लेकिन वह पर्याप्त नहीं होती। आने-जाने वालों से कड़ाई से पूछताछ नहीं होती।
रांझी जलशोधन संयंत्र का मामला, परिसर में दिनभर आवाजाही
ऐसे में पम्प हाउस के पीछे क्षतिग्रस्त क्लीयर वाटर टैंक की सुरक्षा भी दांव पर रहती है। वाटर टैंक के पास भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम नहीं हैं। वहां दिन और रात में कोई तैनाती नहीं होती। ऐसे में यदि कोई जीव-जंतु या फिर पशु कहीं से जगह पाकर टैंक के ऊपर चला जाए, तो वह भी पानी में गिर जाए। ऐसे में पानी की शुद्धता प्रभावित होने की आशंका रहती है। बाहरी लोगों की आवाजाही से भी खतरा रहता है।
नगर निगम की ओर से संचालित जलशोधन संयंत्र परिसर में बना क्लीयर वाटर स्टोरेज टैंक क्षतिग्रस्त है। कई जगह बन गए हैं। कचरा वाहनों का स्टैंड बनाजलशोधन संयंत्र परिसर को नगर निगम ने कचरा वाहनों का गैरेज बना दिया है। यहां 50 से 60 कचरा वाहन खड़े हो जाते हैं। कई बार तो वाटर स्टोरेज टैंक से कुछ दूरी पर खाली पड़ी जगह पर ये वाहन खड़े कर दिए जाते हैं। ऐसे में फिल्टर प्लांट एवं स्टोरेज टैंक के पानी पर प्रभाव पडऩे की आशंका रहती है। प्रदूषण भी फैलता है। पेयजल के इन स्थानों के आसपास साफ-सफाई बेहद जरूरी है।