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waterfall is made on 200 million-year-old rocks
जबलपुर। विश्व प्रसिद्ध भेड़ाघाट में धुआंधार जलप्रताप को आप में से ज्यादातर लोगों ने देखा होगा। लेकिन नर्मदा जल की दूधिया पार मनमोह लेना वाला एक और जल प्रताप है, जो अभी पर्यटकों की नजर से दूर है। करीब 2 करोड़ वर्ष पुरानी संगमरमर की चट्टानों पर यह अनूटा जल प्रताप है। जो धुघवा जलप्रताप के नाम से नई पहचान बना रहा है। धुआंधार की ही तरह धुघवा जल प्रपात पर्यटन का बड़ा केन्द्र बन सकता है। यहां संगमरमर की खूबसरत चट्टानों के बीच बहता नर्मदा का निर्मल जल बर्बस ही लोगों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
सड़क से जुड़ा, सुविधा नदारद
अब तक पर्यटन के नक्शे से अलग-थलग रहा ये सुरम्य स्थल अब धुआंधार मार्ग से सीधे जुड़ गया है। यहां पानी बहुत ऊं चाई से नहीं गिरता, इसके कारण पर्यटक स्नान के लिए पहुंचते हैं। लेकिन पर्यटकों की संख्या बढऩे के बावजूद जल प्रताप के आसपास सुविधाओं का अभाव है। जानकारों का मानना है कि रैलिंग एवं सुरक्षा के अन्य इंतजाम कर दुनियाभर के पर्यटकों को यहां लाया जा सकता है।
बी फॉल जैसा अनुभव
पर्यटकों को घुघवा जलप्रपात आकर पचमढ़ी के बीफॉल और रजत जल प्रपात जैसा अनुभव होता है। जानकारों का मानना है कि यहां नर्मदा तट को विकसित करने के साथ ही रैलिंग लगाना जरूरी है। जिससे पर्यटकों को खतरनाक स्थलों पर जाने से रोका जा सके । यहां बारिश व गर्मी के दिनों में पर्यटकों के लिए छांव का भी कोई इंतजाम नहीं है। इसलिए आसपास शेड बनाना व पेयजल का इंतजाम करना आवश्यक है।
दुनिया की सबसे पुरानी चट्टानें हैं यहां
घुघवा जल प्रपात के आसपास मौजूद चट्टानों को पुरातत्वविद् दुनिया की सबसे पुरानी चट्टानों में से एक बताते हैं। पुरातत्वविद् राजकुमार गुप्ता के अनुसार यहां की चट्टान लगभग २ करोड़ साल पुरानी हैं। जिन पर शोध कर जीवन व नर्मदा किनारे सभ्यता के विकास से संबंधित कई रहस्यों को उजागर किया जा सकता है।
असामाजिक तत्वों का डेरा
ज्यादातर समय यहां असामाजिक तत्वों का डेरा रहता है। यहां शराब खोरी, छेड़खानी जैसी घटनाएं आम हैं। एेसे में पर्यटक यहां आने में असुरक्षित महसूस करते हैं।
शासन को भेजा जाएगा प्रस्ताव
भेड़ाघाट नगर पंचायत की अध्यक्ष शीला जैन के अनुसार घुघवा जल प्रताप में पर्यटन के बड़े केंद्र के तौर विकसित होने की बड़ी संभावना है। इसके लिए बड़े फंड की आवश्यकता होगी। विकास का प्रस्ताव तैयार कर प्रदेश शासन को भेजा जाएगा।
Published on:
18 Aug 2017 01:41 pm
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