
what is aids and hiv treatments
जबलपुर। एचआइवी एड्स के प्रति चलाए जा रहे कार्यक्रमों से बीमारी के प्रति लोगों में जागरुकता बढ़ी है। एचआइवी संक्रमित लोग एआरटी सेंटर और अस्पतालों में टेस्ट भी करा रहे हैं। इससे साल-दर-साल बढऩे वाली एचआइवी संक्रमितों की संख्या में कमी आ रही है। विश्वभर में आज एड्स दिवस मनाया जाएगा।
NEWS FACTS-
जागरुकता से जीती एचआइवी की जंग
साल-दर-साल कम हो रहे मरीज
‘नो योर स्टेटस’ थीम पर होंगे कार्यक्रम
इस बार की थीम है ‘नो योर स्टेटस’ अर्थात् अपनी स्थिति जानें। इस साल के अभियान का उद्देश्य लोगों को एचआइवी परीक्षण के लिए प्रोत्साहित करना है। जानकारी के अनुसार जिले में 2400 एचआइवी पॉजिटिव हैं। इनमें पुरुष-महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। जागरुकता अभियान का ही असर है कि मेडिकल अस्पताल में वर्ष 2010 से अब तक एचआइवी पॉजिटिव 400 महिलाओं की डिलेवरी कराई गई। इनमें 32 बच्चों को छोडकऱ सभी बच्चे एचआइवी निगेटिव हैं। गर्भवती महिला में एचआइवी की पुष्टि होने पर पीपीटीसी सेंटर की काउंसलर उन्हें डिलेवरी के लिए प्रोत्साहित करती हैं। उन्हें खुशहाल जिंदगी जीने वालों की तस्वीर आदि भी दिखाई जाती है। उन्हें बताया जाता है कि कई ऐसे परिवार भी हैं, जिसमें पति, पत्नी और बच्चे एचआइवी पॉजिटिव होने के बाद भी खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं।
कम होती है रोग प्रतिरोधक क्षमता
विशेषज्ञओं के अनुसार एचआइवी पॉजिटिव मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती जाती है। इससे वे दूसरी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। सीडी-4 की नॉर्मल रेंज 5 से 15 हजार तक होती है। एचआइवी संक्रमित मरीज का सीडी-4 कम हो जाता है। एचआइवी संक्रमित होने पर 6 से 12 सप्ताह के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आने की संभावना रहती है। इसे विंडो पीरियड कहते हैं। कुछ मरीजों में 8-10 साल बाद वायरस असर करता है।
यहां होंगे कार्यक्रम
मेडिकल अस्पताल के स्त्री रोग विभाग के पीपीटीसी सेंटर में शनिवार सुबह 11 बजे रंगोली, पोस्टर व क्विज प्रतियोगिता होगी। दोपहर 12 बजे एआरटी सेंटर में लघु नाटिका, स्लोगन व पोस्टर स्पर्धा होगी। विक्टोरिया अस्पताल में दोपहर 12 बजे जागरुकता कार्यक्रम होंगे। जानकीरण महाविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना एवं नाट्य लोकसंस्था के तत्वावधान में महाविद्यालय में सुबह 11 बजे से नुक्कड़ नाटक एवं अन्य जागरूकता कार्यक्रम होंगे।
एचआइवी टेस्ट के प्रति लोग जागरूक हुए हैं। प्राइवेट सेंटर में पॉजिटिव पाए गए लोगों को भी एआरटी सेंटर भेजा जाता है। यहां जांच के लिए आने वालों को सभी सुविधाएं दी जा रही हैं।
- डॉ. धीरज दवंडे, जिला क्षय रोग नियंत्रण अधिकारी
Published on:
01 Dec 2018 02:22 pm
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