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बिशप पीसी सिंह ने पत्नी को बनाया था कई संस्थाओं का मैनेजर और डायरेक्टर

बिशप पीसी सिंह के कारनामों की फेहरिस्त हो रही लंबी

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पत्नी नोरा सिंह और बेटे पीयूष पॉल सिंह के साथ बिशप पीसी सिंह

इओडब्ल्यू ने पत्नी-बेटे के मामले में भी शुरू की जांच

जबलपुर. स्कूल और सोसायटी के पैसों और संपत्ति को खुर्दबुर्द कर अपने नाम पर कराने वाले बिशप पीसी सिंह के एक के बाद एक कारनामे सामने आ रहे हैं। अब खुलासा हुआ है कि पीसी सिंह ने अपनी पत्नी नोरा सिंह को कई संस्थाओं में डायरेक्टर तो कई संस्थाओं में मैनेजर बना रखा है। हर माह नोरा को संस्थाओं से तनख्वाह भी दी जाती है।

पत्नी को इन पदों पर बिठाया

जानकारी के अनुसार 2004 से अब तक नोरा संस्थाओं से एक करोड़ रुपए से अधिक तनख्वाह ले चुकी हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने इसकी भी जांच शुरू कर दी है। बिशप पीसी सिंह सेंट्रल जेल में बंद हैं। ईओडब्ल्यू के साथ ईडी भी बिशप के काले कारनामों की जांच कर रही है।

बिशप पीसी सिंह ने पत्नी नोरा को जबलपुर स्थित विकास आशा केन्द्र और शिशु संगोपन गृह का पूर्वकालिक वेतनभोगी डायरेक्टर बनाया था। इसके अलावा नोरा को क्राइस्ट चर्च सीनियर स्कूल फॉर ब्वायज एंड गर्ल्स आईसीएसी विंग, क्राइस्ट चर्च गर्ल्स स्कूल हॉस्टल, स्कूल विथ नो इन्फ्रास्ट्रक्चर का मैनेजर बनाया था। साथ ही कटनी के वाडस्ले हिन्दू स्कूल, दमोह स्थित मिशन स्कूल और बर्जेस गर्ल्स हॉस्टल बिलासपुर का भी मैनेजर बनाया था। सभी संस्थाओं से नोरा को पांच हजार से 15 हजार रुपए प्रतिमाह (कुल 60 हजार) वेतन मिलता था।

बिशप पीसी सिंह ने अपने बेटे पीयूष पॉल सिंह को आइसीएससी को-एड क्राइस्ट चर्च स्कूल का प्राचार्य बनाकर रखा था। वहीं सबसे करीबी सुरेश जैबक के बेटे क्षितिज जैकब को सगड़ा स्थित क्राइस्ट चर्च का प्राचार्य बनाया था।