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जबलपुर

एक आवाज से देशभर में थम जाते है ट्रेनों के पहिए

सरकार को हिलाया, सीने पर खाई गोलियां सौ साल का हुआ एनआईआरएफ, एक आवाज पर देश में थम जाते हैं ट्रेनों के पहिए

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जबलपुर. रेलवे का सबसे पुराना रेल संगठन ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन एनआईआरएफ 100 साल का हो गया है। रेल इतिहास में सबसे पुराना और सबसे बड़ा रेल संगठन माना जाता है जिसकी एक आवाज से देशभर में ट्रेनों के पहिए थम जाते हैं। रेल संगठन द्वारा 99 साल पूरा करअब 100 साल में प्रवेश कर गया है। एनएफआइआर के बैनर तले ऐसे कई रेल आंदोलन हुए जो इतिहास बन गए। सरकार को तो हिलाया ही साथ ही अपने सीने पर गोलियां भी खाई। 24 अप्रैल 1924 को एनआईआरएफ के गठन के बाद आज यह संगठन पहले से ज्यादा सशक्त होकर खड़ा हुआ है।
16 जोन तक बनाई पहुंच
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन ने देश के 16 रेल जोन में पहुंच बनाई है। एनआईआरएफ ने वर्ष 2003 में वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन को मान्यता प्रदान की गई। पश्चिम मध्य रेलवे जोन के गठन के साथ ही डब्ल्यूसीआरईयू भी असिस्त में आया। एनआईआरएफ के नेतृत्व में कर्मचारियों की मांगों को लेकर नेतृत्व कर रहा है। इस संगठन के पश्चिम मध्य रेलवे जोन ने करीब 47000 सदस्यों को अब तक जोड़ा है। आज संगठन की बागडौर अध्यक्ष एन कन्हैया महामंत्री शिवगोपाल संभाले हैं।
इतिहास बने आंदोलन 5 लोग हुए शहीद

वर्ष 1960 में एनआईआरएफ ने रेल कर्मचारियों के डीए को लेकर लड़ाई लड़ी। आंदोलन में देशभर से रेल कर्मचारियों ने सांसद भवन की ओर कूच किया। आंदोलन ने सरकार को हिला दिया। आंदोलन को कुचलने के लिए गोलियां चलाई गई। इसमें 5 रेल कर्मी भी शहीद हो गए। कामरेड रंजीत सिंह, सखाराम, सीताराम, कृपाशंकर, खदेरन गिरधर शामिल थे। 1968 में भी रेल आंदोलन चला। देशव्यापी हड़ताल के कारण रेल व्यवस्था प्रभावित हुई।

आंदोलन से पमरे हिला
-वर्ष 20009 में एक रेल कर्मचारी की पत्नी की अस्पताल में गलत इलाज से हुई मोत से रेल कर्मचारियों में नाराजगी पैदा हो गई। डब्ल्यूसीआरईयू ने जीएम से लेकर सभी रेल अधिकारियों को कार्यालय में कैद कर दिया गया। सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक किसी को निकलने नहीं दिया सभी भूखे रहे। डॉक्टर का तबादला करने के आदेश किए गए।
-ट्रेनो में टिकिट चैकिंग स्टॉफ को प्रताडि़त किए जाने को लेकर विजिलेंस और एसडीजीएम के खिलाफ वर्ष 2015 में आंदोलन किया गया। अफसरों के खिलाफ रेल कर्मी भूख हडताल पर बैठे। यह भूख हड़ताल लगातार 6 दिनों तक चली।

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-कर्मचारियों की रक्षा के लिए सगंठन सदैव आगे आया है। एसी पास देना, पे कमीशन, डीए, पेंशन मैसेज जैसी कई उपलिब्ध्यां इसके खाते में जुड़ी हुई है। सेवानिवृत्त के बाद भी कर्मचारी आज भी संगठनात्मक गतिविधियों मे शामिल होते हैं।

-कामरेड, रोमेश मिश्रा, सेके्रटी, डब्ल्यूसीआरईयू

– रेलवे का यह सबसे पुराना संगठन के प्रति कर्मचारियों की परिवार की तरह निष्ठा है। 1960 के आंदोलन में 5 रेल कर्मी गोलियों का शिकार हुए। डेढ़ लाख कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया। हजारों कर्मचारी निलंबित हुए लेकिन डिगे नहीं। आज सौ साल होने पर हम इसे सेलिबे्ट कर रहे हैं।

-कामरेड, बीएन शुक्ला, मंडल अध्यक्ष डब्लूसीआरईयू