
world most beautiful statue of goddess narmada
जबलपुर। माँ नर्मदा जयंती के पावन अवसर पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 24 जनवरी 2018 को माँ मक्रवाहनी मंदिर पानदरीबा कमानिया गेट में विशाल महा आरती चौक समारोह का आयोजन होगा। जिसमे हजारों की संख्या में लोग शामिल होंगे। वैसे तो शहर में कल्चुरि शासकों की अनेक धरोहरे और स्मृतियां मौजूद हैं। जो अब भी रिसर्च का विषय हैं। कल्चुरि काल बेहतरीन एवं नायाब कलाओं की मिसाल रहा है। इस काल में शानदार कलाओं का निर्माण होता रहा है। उसी वंश का शानदार नमूना कमानिया स्थित मक्रवाहिनी की मूर्ति भी है। जिसे दुनिया की सबसे सुन्दर नर्मदा प्रतिमा भी कहा जाता है। इसकी खासियत है की इसे जिस और से देखो ऐसा प्रतीत होता है कि वो हमें ही देख रही हो।
कल्चुरि काल की यह मूर्ति हजारों साल पुरानी होने के साथ इतिहास का खूबसूरत किस्सा सहेजे हुए है। कल्चुरि काल की स्थापना के बाद राजा कर्ण सबसे महान राजा साबित हुए थे। उस काल में उन्होंने सन 1041 से सन 1072 तक शासन किया। उनके शानदार शासन काल के कारण ही उन्हें त्रिलिंगाधिपति की उपाधि प्रदान की गई थी। एक बार गंगा नदी में जाने के बाद राजा ने जाना कि नदी में नहाने से पाप खत्म हो जाते हैं। वहीं यह भी जाना की नर्मदा के दर्शन मात्र से ही पाप मुक्त हो जाते हैं, इसी बात को आधार बनाते हुए राजा ने मक्रवाहिनी प्रतिमा का निर्माण करवाया। मूर्ति की बनावट पर फिलहाल कई रिसर्च की जा रही हैं। मूर्ति खंडित होने की कगार पर थी। जिसे बचाने के लिए शहर के कुछ जिम्मेदारों द्वारा अथक प्रयास किए गए। जिसके बाद मूर्ति को ठीक किया जा सका। इसके अलावा जिस स्थान पर ये प्रतिमा मौजूद हैं उस परिसर में सात कुंए मौजूद हैं जो मीठा पानी देते हैं।
इनके हाथों में है मंदिर कमान
इतिहासविद् राजकुमार गुप्ता के अनुसार सन 1860 के आसपास की बात है। जबलपुर के पानदरीबा में रहने वाले हल्कू हलवाई बेहद धार्मिक व्यक्ति थे। त्रिपुरी में जब खुदाई चल रही थी, तो मूर्ति निकलने की बात हल्कू का मालूम चली। उसने तुरंत अपने दो पहलवान बेटों को भेज कर मूर्ति को कंधों पर लादकर लाने को कहा। इस तरह पानदरीबा की गली के मुहाने पर मक्रवाहिनी मंदिर को बनवाया गया। यह और भी महत्वपूर्ण है कि इस प्रतिमा और मंदिर रखरखाव शासन के बल पर नहीं है वरन् निजी गणमान्य लोगों के हाथों में है। जिसमें अधिवक्ता संपूर्ण तिवारी, चंद्रगोपाल तिवारी(कल्ली), वरिष्ठ पत्रकार राजेश द्विवेदी, संदीप जैन, विलोक पाठक सहित अन्य लोग हैं।
कोने-कोने से आते हैं भक्त
यह भी अकाट्य सच है कि यहाँ पर सभी आकांक्षाओं की पूर्ति होती है, सभी वर्गो के लोग एक दूसरे के साथ मिलकर पूजा-अर्चना करते हैं, देव उठनी ग्यारस को महाआरती का आयोजन बहुत खास होता है, इस दिन पूरे जबलपुर के कोने- कोने से भक्त गण आरती लेकर आते हैं, सभी धर्म के लोग शामिल होते हैं नजारा देखते ही बनता है, नर्मदा जयंती पर विशाल भंडारा होता है, वैसे भंडारे होते रहते हैं, खास बात यह है यहाँ के भंडारों में देशी घी के तड़के के साथ विभिन्न पकवान परोसे जाते हैं। जयंती के अवसर पर 24 जनवरी 2018 सुबह 11 बजे से विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया है।
Updated on:
22 Jan 2018 05:16 pm
Published on:
22 Jan 2018 04:31 pm
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