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अबुझमाड़ के 258 किसान धान बेचने से हो रहे वंचित

1 माह बितने के बावजूद धान खरीदी केंद्र नहीं किया गया स्थानांतरीत किसानों का नहीं कट रहा टोकन अबुझमाड़ के बासिंग धान खरीदी केंद्र का मामला जिला प्रशासन बना लापरवाह
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1 माह बितने के बावजूद धान खरीदी केंद्र नहीं किया गया स्थानांतरीत

1 माह बितने के बावजूद धान खरीदी केंद्र नहीं किया गया स्थानांतरीत

नारायणपुर। अबुझमाड़ इलाके में धान खरीदी केंद्र खोलकर किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने के तमाम दावे शासन-प्रशासन कर रहा है। लेकिन अबुझमाड़ के धान खरीदी केंद्र अव्यवस्थाओं आलम पसरा हुआ है। धान खरीदी शुरू हुए 1 माह से ज्यादा समय बीत गया है। लेंकिन खरीदी केंद्र की समस्याएं जस तस बनी हुई है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसकी बांनगी अबुझमाड़ के बासिंग धान खरीदी में देखने को मिल रही है। इस धान खरीदी में किसान टोकन लेने कब लिए पहुच रहे है। लेकिन किसानों का नाम इस केंद्र में नहीं दिखने के कारण उनका टोकन नहीं कट रहा है। इससे किसान अपना नहीं बेच पा रहे है। बासिंग के करीब 258 किसानों पंजीयन ओरछा खरीदी केंद्र में प्रदर्शित हो रहा है। इससे इन 258 किसानो का धान खरीदी केंद्र ओरछा स्थानांतरित कर बासिंग किया जाना था। लेकिन जिला प्रशासन के नुमाइंदों की लापरवाही के चलते 1 माह बितने के बावजूद 258 किसानो खरीदी केंद्र बासिंग में स्थानांतरित नहीं हो पाया है। इससे किसानों को धान बेचने से वंचित होते नजर आ रहे है। जानकारी के अनुसार अबुझमाड़ के किसानों को धान बेचने के लिए ज्यादा दूरी तय करना न पड़े इसको ध्यान में रखकर इस वर्ष बासिंग ओर कोहकामेटा में नए धान खरीदी केंद्र शुरू किए गए है। लेकिन धान खरीदी केंद्रों अभी बी अव्यवस्थाओं का आलम पसरा हुआ है। इसके बावजूद जिला प्रशासन अबुझमाड़ के खरीदी केंद्रों की व्यवस्था सुधारने के लिए कोई कारगर कदम उठाते नजर नहीं आ रहा है। अबुझमाड़ के बासिंग एव कोहकामेटा में आनन फानन में धान खरीदी केंद्र खोले गए है। इससे इन खरीदी केंद्रों में किसानों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद जिला प्रशासन इस ओर अपना ध्यान आकर्षित करने में कोई रुचि नहीं दिखा रहा है। अबुझमाड़ के बासिंग धान खरीदी केंद्र के अंतर्गत आने वाले करीब 258 किसानों का पंजीयन ओरछा खरीदी केंद्र में जबगुण्डा गांव से जुड गया है। इससे 258 किसानों का नाम बासिंग खरीदी केंद्र में प्रदर्शित नहीं होने के कारण उनका टोकन नहीं कट पा रहा है। इस तरह धान खरीदी शुरू हुए 1 माह का समय बीत गया है। लेकिन 258 किसानों पंजीयन में हुई गलती में सुधार करने के लिए कोई रुचि नहीं दिखाई गई है। इससे बासिंग खरीदी केंद्र के 258 किसानों को धान बेचने से वंचित होना पड़ रहा है। इन किसानों के पंजीयन में जल्द सुधार नहीं होने पर किसान अपना धान समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पाएंगे।

बासिंग खरीदी केंद्र में 1 माह 5 दिन बाद हुई बोहनी

अबुझमाड़ के बासिंग एवं कोहकामेटा धान खरीदी केंद्र खोले गए है। लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते इन खरीदी केंद्र में बोहनी तक नहीं पाई थी। बासिंग एवं कोहकामेटा धान खरीदी केंद्र में रविवार को विद्युत कनेक्शन जोड़ा गया है। इससे 1 माह 5 दिन बाद इन खरीदी केंद्रों में टोकन कटना शुरू हो पाया है। इससे बासिंग खरीदी केंद्र में सोमवार को टोकन कटना शुरू होने के कारण सोमवार को खरीदी की बोहनी हो पाई है। वही कोहकामेटा में अब तक बोहनी नहीं हो पाई है। इसके साथ ही कोहकामेटा खरीदी केंद्र टोकन काटने के लिए लगाए ऑपरेटर को प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया है। खरीदी केंद्र शुरू होने के माह बाद कोहकामेटा धान खरीदी केंद्र के ऑपरेटर को सोमवार से बासिंग खरीदी केंद्र में टोकन काटने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

"पत्र भेजा गया है"

किसानों के पंजीयन में हुई गलती को लेकर ओरछा लेम्पस प्रबंधक से जानकारी ली गई, तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए कहा कि किसानों के पंजीयन में हुई गलती को सुधारने के लिए पत्र भेजा गया है। इससे पंजीयन जैसी ही सुधार हो जाएगा, वैसे ही किसानों से धान खरीदी करना शुरू किया जाएगा

महावीर, ओरछा लेम्पस प्रबंधक