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जिस बीमारी से 4 साल के बहन की हुई मौत, अब उसी की चपेट में है 6 साल का भाई, अब…..

बीजापुर के गंगालूर और तोकापाल के राजूर में जेई से एक-एक बच्चे की मौत, डेंगू का भी बढ़ रहा प्रकोप, बीजापुर के तीसरी की छात्रा की हुई थी मौत
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जगदलपुर

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Badal Dewangan

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Updated: 13 Dec 2019, 11:22 AM IST

File Photo

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जगदलपुर. जापानी बुखार से चार साल की बहन की मौत के बाद छह साल के भाई भी इसके चपेट में आ गया है, जिसका डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। बीजापुर के ग्राम गंगालुर की चार वर्षीय प्रियंका की जेई (जापानी इंसेफेलाइटिस) से मौत हो गई। बहन की मौत के दो दिन बाद छह वर्षीय भाई राहुल की भी तबीयत बिगड़ गई। ब्लड जांच में इनका भी जेई पॉजीटिव आया।

बहन की मौत के बाद भाई बीमारी की चपेट में
मिली जानकारी के अनुसार प्रियंका कई दिनों से बुखार से पीडि़त थी, जिसका इलाज बीजापुर में ही कराया जा रहा था। यहां पर जब कोई सुधार नहीं हुआ तो डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया। तब तक उनकी हालत काफी बिगड़ चुकी थी। यहां पर दो दिनों तक इलाज चलने के बाद बुधवार को उसकी मौत हो गई। अब प्रियंका के भाई राहुल भी जेई से पीडित है। फिलहाल इनकी स्थिति अभी सामान्य बताई जा रही है। इसके अलावा गुुरुवार को जेई पॉजीटिव के दो बच्चों की तबीयत ठीक होने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। बस्तर में जापानी बुखार का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। बावजूद स्वास्थ्य विभाग इनकी रोकथाम के लिए कोई पहल नहीं कर पा रहा है।

डेंगू का भी बढ़ रहा प्रकोप
बस्तर मेें जेई के साथ ही डेंगू का भी प्रकोप बढ़ रहा है। वहीं कुछ दिनों पहले बीजापूर के कन्या रेसीडेंशियल में कक्षा तीसरी में पढऩे वाली छात्रा नेहा वाचम की मौत भी डेंगू से हुई थी। मेडिकल कॉलेज में रोजाना डेंगू के ५ से ७ संदिग्ध मरीज भी पहुंच रहे हैं। इसमें एक से दो लोगों का रिपोर्ट पॉजीटिव आ रहा है। डेंगू और जेई से मौत होने पर स्वास्थ्य विभाग कुछ दिनों के लिए उस क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाकर सिर्फ खानापूर्ति करता है। इसके बाद स्थिति जस की तस रह जाती है। जेई और डेंगू के रोकथाम के लिए कोई विशेष पहल नहीं किया जा रहा है।

*पशु-पक्षियों के जूठे और सड़े हुए फल नहीं खाएं