
Bastar Naxal:छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में शांति स्थापना के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार नक्सलियों के बेहतर पुनर्वास के नई पुनर्वास नीति बना रही है इस बाबत सभी से सुझाव आमंत्रित किए गए है इसमें नक्सली भी अपना सुझाव दें कि उन्हें कैसी पुनर्वास नीति चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने नियद नेल्ला बस्तर नाम से ईमेल एवं गूगल फार्म युक्त सुझाव फार्म भी जारी किया। गृहमंत्री ने बताया कि नई नीति बनाने के लिए जून अंत तक सुझाव स्वीकृत किए जाएंगे। उसके इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
गृहमंत्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुनर्वास नीति पहले से बनी हुई है,लेकिन सरकार का प्रयास है कि इसे और व्यापक रूप दिया जाना चाहिए। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि तेलंगाना सहित अन्य प्रदेशों में जारी नीतियों का भी अध्ययन किया जाएगा, वे व्यक्तिगत रूप से तेलंगाना मॉडल का अध्ययन करेंगे तथा इस मॉडल की अच्छी बातों को छग की नीति में भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने नक्सलियों का आह्वान किया कि वे खुद सुझाव दें कि उन्हें कैसी पुनर्वास नीति चाहिए। वे अपने सुझाव गूगल फार्म या ईमेल के जरिए भेज सकते है हम उन्हे स्वीकार करेंगे।
गृहमंत्री ने कहा कि बंदूक किसी समस्या का हल नहीं है। नक्सली समस्या के समाधान के किए सरकार सभी संभव उपाय करने को तैयार है। हमने नक्सलियों से बातचीत का प्रस्ताव किया है।यह बेहतर उपाय है। नक्सलियों को इसके लिए सामने आना चाहिए। उन्होंने बार-बार कहा है कि यदि वे प्रत्यक्ष बातचीत करना चाहते हैं तो उनका स्वागत है ।यदि नही तो वे वर्चुअल तरीके से भी बातचीत कर सकते है सरकार इसके लिए तैयार है।
बस्तर में नक्सलियों का खात्मा करने जवान तेजी से ऑपरेशन चला रहे है। एक और बस्तर के चप्पे-चप्पे में अभियान चलाकर नक्सलियों को आम जिंदगी जीने का मौका दे रहे है। जवानों के अभियान से प्रभावित होकर बहुत से नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं दूसरी और जंगलों में जवान छिपे हुए खूंखार नक्सलियों पर भी कड़ी कार्रवाई कर रहे है। इस कार्रवाई में जवानों ने बड़ी सफलता प्राप्त की है। चार दशक में पहली बार जवान 131 दिनों में 103 नक्सलियों को ढेर किया है।
समूचे बस्तर में फोर्स के जवानों का मनोबल भी इस वक्त काफी ऊंचा है। कांकेर जिले के माड़ इलाके में बीते महीने 16 तारीख को हुई मुठभेड़ में जवानों ने 29 नक्सलियों को जब मार गिराया तो इसे फोर्स की सबसे बड़ी सफलता बताया गया। नारायणपुर जिले में मंगलवार को हुई मुठभेड़ में भी जवानों ने बेहद सुनियोजित तरीके से 10 नक्सलियों को मारा।
बीते चार महीने में फोर्स ने अलग-अलग मुठभेड़ में 91 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। जो यह बताता है कि फोर्स अब बस्तर में गियर बदल चुकी है। पिछले चार दशक में ऐसा पहली बार हुआ है जब इतनी बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए हैं। बीते अप्रैल के महीने में ही 50 नक्सली मारे गए हैं।
बीते चार महीने में फोर्स ने अलग-अलग मुठभेड़ में 91 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। जो यह बताता है कि फोर्स अब बस्तर में गियर बदल चुकी है। पिछले चार दशक में ऐसा पहली बार हुआ है जब इतनी बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए हैं। बीते अप्रैल के महीने में ही 50 नक्सली मारे गए हैं।
नक्सलियों का खात्मा करने जवानों ने कार्रवाई तेज कर दी है। एक तरफ जो नक्सली आत्मसमर्पण करना चाहते है उनके लिए पुलिस अधिकारी बस्तर के इलाकों में जा-जाकर अभियान चला रहे है। पुलिस द्वारा अभियान चलाने से नक्सली प्रेरित होकर आत्मसमर्पण कर रहे है। वहीं कुछ आतंकी जंगलों में छिपकर उत्पात मचा रहे है। इन आतंकियों के लिए जवान घने जंगलों में सर्चिंग ऑपरेशन चला रहे है। बता दें कि 100 दिनों में जवानों ने मुठभेड़ में 105 आतंकियों को मार गिराया है।
Updated on:
23 May 2024 05:20 pm
Published on:
23 May 2024 08:02 am
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