Bastar's Shashank's film Dawa: शॉर्ट फिल्म जगत में भी बस्तर ने अपनी मौजूदगी दर्ज करा ली है। बस्तर के युवा शशांक त्रिवेदी जो कि मात्र 21 साल के हैं, उनके द्वारा बनाई गई शॉर्ट मूवी दवा की अब तक पांच से अधिक राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में एंट्री हो चुकी है।
Bastar's Shashank's film Dawa: बस्तर के युवा अब पढ़ाई लिखाई के साथ फिल्म इंडस्ट्री में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। बस्तर के युवा शशांक त्रिवेदी जो कि मात्र 21 साल के हैं, उनके द्वारा बनाई गई शॉर्ट मूवी दवा का डंका देश ही नहीं विदेशों के फिल्म फेस्टिवल में भी बज रहा है।
इस फिल्म(Bastar's Shashank's film Dawa) की अब तक पांच से अधिक राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में एंट्री हो चुकी है। वहीं हिमाचल शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में तो इसे बेस्ट नैरेटिव फिल्म का अवार्ड मिला है। इस तरह यह बस्तर के किसी युवा द्वारा बनाई गई शॉर्ट फिल्म को किसी फिल्म फेस्टिवल में मिला पहला अवार्ड है। शशांक को यह अवार्ड हाल ही में हुए अवार्ड शो में बेस्ट नैरेटिव फिल्म की कैटगिरी में मिला है। साथ ही क्रिटिक्स ने इसकी स्टोरी लाइन से लेकर पूरे डायरेक्शन की जमकर तारिफ भी की। किसी फिल्म को बनाने में ही लोगों को सालों लग जाते हैं लेकिन यह मुकाम शशांक ने मात्र 21 साल में ही पा लिया है।
इन 5 फिल्म फेस्टिवल में मिली सीधी एंट्री
गोवा शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल, कोच्चि फिल्म फेस्टिवल, हिमाचल शार्ट फिल्म फेस्टिवल, जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, इंटरनेशनल लिफ्टऑफ फिल्म फेस्टिवल में जगह मिली है। शुक्रवार को ही कोच्ची में इसका(Bastar's Shashank's film Dawa) स्क्रीनिंग भी हुआ है।
शॉर्ट फिल्म जगत में बस्तर की मौजूदगी
शॉर्ट फिल्म जगत में भी बस्तर ने अपनी मौजूदगी दर्ज करा ली है। कुछ दिन पहले बस्तर के महाराजा पर बनी शॉर्ट फिल्म(Bastar's Shashank's film Dawa) को फिल्म फेयर में स्थान मिला था और उसके अवार्ड को लेकर अभी वोटिंग चल रही थी। वहीं अब बस्तर के ही एक युवा ने जिस तरह शॉर्ट फिल्म दवा बनाकर इतिहास रचा है उसे देखते हुए लगता है आने वाले समय में बॉलीवुड व अन्य जगह भी बस्तर के लोग काम कर रहे हैं।
नशा मुक्ति और कैंसर से बचाव का मैसेज देती है यह फिल्म
बस्तर के शशांक ने बताया कि यह फिल्म 14.50 मिनट की है। इसे विशेष तौर पर नशा मुक्ति ध्यान ने करने की दिशा में काम करते हुए बनाया गया है। यह फिल्म बताती है कि नशा क्यों नहीं करना चाहिए और कैसे इसके जरिए कैंसर बीमारी होने पर पूरा परिवार तबाह हो जाता है इसकी जानकारी देती है। उन्होंने बताया कि क्योंकि तंबाकू को सीधे नहीं दिखाया जा सकता था।