
निगम दफ्तर के बाहर आयुक्त का पुतला फूंकते सक्षम के कार्यकर्ता
जगदलपुर। परपा स्थिति कांजी हाऊस में संदेहास्पद तरीके से १६ गौवंशों की मौत और उसके बाद उनका पीएम नहीं करवा जाने के मामले में शुक्रवार को सक्षम ने निगम कार्यालय का घेराव किया। घेराव के दौरान सक्षम के पदाधिकारी निगम आयुक्त से मिले। आयुक्त को गौवंशों की मौत से जुड़े साक्ष्य दिखाए गए। बताया गया कि इस मामले में किस तरह से निगम के कर्मचारियों ने लापरवाही बरती है। सक्षम अध्यक्ष अविनाश सिंह गौतम और महामंत्री कुणााल चालीसगांवकर ने बताया कि आयुक्त ने बातचीत के दौरान गोलमोल जवाब दिया और दोषियों को बचाने की कोशिश की। सक्षम उनके जवाब से संतुष्ट नहीं है। ऐसे में अब गौवंशों की मौत के मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करवाने की मांग की जाएगी। इसके लिए तैयारी भी पूरी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि कांजी हाउस में कई तरह की अनियमितताएं देखने को मिली हैं, लेकिन अब गौवंशों को न्याय दिलवाने के लिए वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। सोमवार को याचिका दायर की जाएगी। आयुक्त के जवाब से नाराज सक्षम के कार्यकर्ताओं ने शाम को निगम कार्यालय के बाहर आयुक्त का पुतला दहन किया। इस बीच कांजी हाऊस में चार दिनों से चल रही भूख हड़ताल को स्थगित कर दिया गया और कहा गया कि जब तक मामले में दोषियों पर कार्रवाई नही हो जाती आंदोलन का क्रम जारी रहेगा।
आयुक्त ने कहा- मुझे आपकी भूख हड़ताल की जानकारी ही नहीं
सक्षम के पदाधिकारी जब आयुक्त हरेश मंडावी के पास चर्चा के लिए पहुंचे तो उन्होंने भूख हड़ताल की जानकारी नहीं होने की बात कही। जबकि पिछले चार दिनों से लगातार मीडिया और सोशल मीडिया में यह मामला सुर्खियों में है। इस पर सक्षम अध्यक्ष ने कहा कि आयुक्त ने जिस तरह से भूख हड़ताल की जानकारी नहीं होने की बात कही है उससे स्पष्ट है कि वे निगम के मामलों को लेकर कितने गंभीर हैं।
आयुक्त के नोटिस पर कांजी हाऊस संचालक लापरवाही उजागर कर चुका
सक्षम के जिला अध्यक्ष अविनाश सिंह गौतम ने कहा कि मामले में जिम्मेदारों की लापरवाही कांजी हाऊस संचालक उजागर कर चुका है। उसने आयुक्त की ओर से जारी नोटिस के जवाब में कहा था कि उसने गौवंशों की मौत के बाद उनका पीएम करने के लिए निगम के अफसरों से कहा था लेकिन निगम की तरफ से पशु चिकित्सक को नहीं भेजा गया। इसके बाद ही गौवंशों को दफनाया गया। संचालक ने कहा कि कांजी हाउस की अव्यवस्थाओं की जानकारी निगम को लगातार दी जाती रही, लेकिन इस पर कोई खास ध्यान नहीं दिया गया। वहीं लंपी वायरस के दौरान पीडि़त मवेशियों को भी नियम विरूद्ध कांजी हाउस में रखवाया गया।
Published on:
22 Sept 2023 08:15 pm
बड़ी खबरें
View Allजगदलपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
