23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जगदलपुर में बन रहा छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा पक्षी विहार, गणतंत्र दिवस पर CM बघेल के हाथों होगा लोकार्पण

Jagdalpur Aviary : भुवनेश्वर की तर्ज पर जगदलपुर के लामनी पार्क में एवीयरी (पक्षीशाला) का निर्माण किया जा रहा है। 26 जनवरी को मुख्यमंत्री के द्वारा इसके लोकार्पण की तैयारी की जा रही है।

2 min read
Google source verification
लामनी पार्क

लामनी पार्क

Jagdalpur Aviary : भुवनेश्वर की तर्ज पर जगदलपुर के लामनी पार्क(Lamni Park) में एवीयरी (पक्षीशाला) का निर्माण किया जा रहा है। इसमें 450 प्रजातियों के पक्षियों को रखा जाएगा, जो कि आने वाले समय में सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बनेगा। इसका निर्माण इन दिनों अंतिम दौर में है। 26 जनवरी को मुख्यमंत्री(CM Bhupesh Baghel) के द्वारा इसके लोकार्पण की तैयारी की जा रही है।

20 प्रजातियों के पक्षी लाए गए
वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि इस एवेयरी(Aviary) में 450 प्रजातियों के पक्षियों को रखने की व्यवस्था है। अभी तक 20 प्रजातियों के 200 से अधिक पक्षी लाए जा चुके हैं। 25 जनवरी तक अधिकांश पक्षी यहां पहुंच जाएंगे, इसके लिए विभाग ने विशेष व्यवस्था की हुई है। इसमें कई विदेशी पक्षी भी लाए जा रहे है जो कि कभी प्रवास में भारत आए थे लेकिन अब वे यही के होकर रह गए है।

2 करोड़ 46 लाख की लागत
प्रदेश के सबसे बड़ी एवेयरी(bird sanctuary) 2 करोड़ 46 लाख की लागत से बन रही है। कोरोना काल में इसका निर्माण बंद होने की वजह से इसकी लागत बढ़ गई है। घने पेड़ों के बीच बनाए जा रहे इस पक्षी शाला का निर्माण राजधानी रायपुर(Raipur) की एक फर्म कर रही है। पक्षी विहार(bird sanctuary) के बुनियादी ढांचे को तैयार कर लिया गया है। बस्तर के सीसीएफ मोहम्मद शाहिद ने बताया कि लामनी(Lamni) में वन विभाग द्वारा पर्यटन विस्तार और पक्षियों को प्राकृतिक वातावरण मुहैया कराने के ध्येय से इसका निर्माण करवाया जा रहा है।

यह भी पढ़ें: : नक्सलियों ने पत्थर रखकर बंद किया ओरछा मार्ग, ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी, देखें Video

जैव विविधता देखने को मिलेगी
450 प्रकार की प्रजातियों के पंछियों का होगा बसेरा।
2 करोड़ 46 लाख की लागत से वन विभाग बनवा रहा।
बन जाने के बाद प्रदेश का सबसे बड़ी एवेयरी होगी।
इसकी लंबाई 120 मीटर, चौड़ाई 40 मीटर और ऊंचाई 15 मीटर।
कुछ विदेशी पक्षी भी देखने मिलेंगे जिनका बसेरा अब बस्तर है।

जैव विविधता के दृष्टिकोण से बस्तर बहुत समृद्ध माना जाता है। कांगेर घाटी(Kanger Valley) एवं इन्द्रावती दो नेशनल पार्क यहां है जिसमें विभिन्न प्रकार के पक्षी पाए जाते है। हाल ही में अभी कांगेरघाटी नेशनल पार्क में बर्ड काउंटिंग हुई है, जिसमें पक्षियों की लगभग 209 से अधिक प्रजातियों की पहचान की गई है। इनमें से कुछ विदेशी पक्षी भी हैं।