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बस्तर: अबूझमाड़ की मुरिया जनजाति पर बनाई फिल्म इंटरनेशनल फेस्टिवल में शामिल

न्यूटन का कांसेप्ट बनाया, फंस गए रे ओबामा में निभाया कॉमिक रोल

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बस्तर: अबूझमाड़ की मुरिया जनजाति पर बनाई फिल्म इंटरनेशनल फेस्टिवल में शामिल

आकाश मिश्रा@जगदलपुर. अबूझमाड़ में रहने वाली मुरिया जनजाति की जीवनशैली को अब समूचे विश्व के लोग देखेंगे। इसके लिए बस्तर सागा नाम की फिल्म बनकर तैयार है। फिल्म इंटरनेशनल गोवा फिल्म फेस्टिवल की वर्किंग कैटेगरी में चुनी गई। फेस्टिवल के लिए चुनी गई विश्व की 200 फिल्मों में बस्तर सागा शामिल है। फिल्म को फेस्टिवल के लिए चुनने वाली ज्यूरी में देश और विदेश के प्रख्यात फिल्मकार शामिल हैं।

90 मिनट की इस फिल्म को बनाने की पहल इसके लीड एक्टर और नारायणपुर निवासी दिनेश नाग ने की। दिनेश पिछले 15 साल से मुंबई में रहकर बॉलीवुड में काम कर रहे हैं। उन्होंने मुंबई में अपने दोस्तों के सामने अबूझमाड़ की थीम पर काम करने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद डायरेक्टर अमोल चौधरी ने फिल्म के लिए हामी भरी। फिल्म को प्रोड्यूस भी अमोल ने ही किया।

इसके बाद एफीटीआई से पास आउट और रायपुर के निवासी राज बंजारे ने फिल्म के लिए कहानी लिखी। करीब तीन महीन की शूट के बाद फिल्म तैयार हो गई। पिछले साल हुए गोवा फिल्म फेस्टिवल में फिल्म को दुनिया की 200 वर्किंग कैटेगरी की फिल्मों में शामिल किया गया है। आगे भी फिल्म को इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ले जाने की तैयारी है।

दिनेश का बॉलीवुड में सफर...
न्यूटन का कांसेप्ट बनाया, फंस गए रे ओबामा में निभाया कॉमिक रोल

दिनेश नाग ने नारायणपुर के रामकृष्ण आश्रम में रहकर 12वीं तक की पढ़ाई की। यहां आदिवासी इलाके के बच्चों को उच्च स्तरीय मुफ्त शिक्षा दी जाती है। इसके बाद दिनेश भिलाई कल्याण कॉलेज पहुंचे और फस्र्ट इयर में ही थियेटर से जुड़ गए। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पास आउट अभिनेताओं का साथ मिला और भोपाल, दिल्ली जाकर थियेटर करने लगे। 2006 में मुंबई पहुंचे, यहां उनका संषर्ष 2009 तक जारी रहा।

2009 में उन्हें रजत कपूर के साथ फंस गए रे ओबामा फिल्म में एक कॉमिक रोल करने का मौका मिला, जिसने उन्हें बॉलीवुड में पहचान दी। इससे पहले वे कुछ रोल फिल्मों में कर चुके थे। इसके बाद आई जॉली एलएलबी 2 में भी उन्होंने अभिनय किया। इसके बाद वे न्यूटन की टीम के साथ जुड़े और उन्होंने फिल्म के लिए कांसेप्ट तैयार किया। इसी पर फिल्म के निदेशक ने काम किया और फिल्म देश विदेश में हिट रही। इस फिल्म की सफलता के बाद ही दिनेश बस्तर और आदिवासियों पर फिल्म बनाने की सोची और अपने दोस्तों के साथ मिलकर बस्तर सागा बना डाली।

आदिवासियों ने ही फिल्म में निभाई है भूमिका

फिल्म में लीड रोल निभा रहे दिनेश नाग बताते हैं कि फिल्म के हर सीन को जीवंत और अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा के अनुरूप बनाने के लिए अबूझमाड़ के आदिवासियों को ही रोल दिए गए हैं। फिल्म मुरिया बोली में रिलीज की जाएगी। फेस्टिवल के लिए फिल्म को अलग-अलग भाषा में सबटाइटल्ड किया जाएगा। फिल्म में दिनेश के साथ अभिनेत्री के तौर पर महाराष्ट्रीयन सिनेमा से प्राजक्ता वाडे और बाल कलाकार के रूप में माड़ के ही व्यास देव का अभिनय देखने को मिलेगा।

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