
शहर में बढ़ रही इस बीमारी से ग्रसित मरीजों की संख्या , जिला अस्पताल तथा दवाखानों में नहीं है बीमारी की दवा
जगदलपुर. पूरे जिलेभर में एंटी रैबीज इंजेक्शन की समस्या बनी हुई है। सरकारी अस्पताल के अलावा मेडिकल स्टोर में भी मांग के अनुसार इंजेक्शन की सप्लाई नहीं हो रही है। इधर महारानी अस्पताल में इन दिनों डॉग बाइट के मरीजों की संख्या बढऩे के बाद कलेक्टर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एंटी रैबीज इंजेक्शन की व्यवस्था करने स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिया था। बावजूद अब तक हॉस्पिटल में खपत के अनुसार एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं मिल रहा हैं, जो मरीजों के लिए मुसीबत है।
शहर में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक भी बढ़ रहा हैं। सप्ताहभर पहले आंगनबाड़ी से लौट रही बच्ची को कुत्ते ने नोच डाला, जिससे बच्ची का पुरा कान ही अलग हो गया था। इधर एंटी रैबीज इंजेक्शन की सप्लाई नहीं होने से कुत्ते कांटने से होने वाले गंभीर बीमारी हाईड्रोफोबिया लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। इससे मरीजों को इलाज के बिना वापस लौटना पड़ रहा है। ये स्थिति सिर्फ महारानी अस्पताल की नहीं है बल्कि पूरे जिले की हैं। किसी भी सीएचसी, पीएचसी में मांग के अनुसार वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। एंटी रैबीज के अलावा अन्य जीवन रक्षक दवाई भी उपलब्ध नहीं हैं।
हर महीने ५०० इंजेक्शन की खपत
१०० बिस्तर महारानी अस्पताल में रोजाना ओपीडी मरीजों की संख्या ४०० से अधिक है। यहां पर हर महीने करीब ५०० एंटी रैबीज वैक्सीन की खपत होती हैं। हॉस्पिटल में रोजाना दो से तीन डॉग बाइट के मरीज आते हैं। इंजेक्शन की कमी की वजह से इन मरीजों को मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ रही है। बाहर में एक वैक्सीन की कीमत करीब ३३० रुपए हैं। ऐसे में डॉग बाइट के एक मरीज को इलाज के लिए १६५० रुपए खर्च करना पड़ रहा है।
सीजीएमएससी नहीं कर रहा वैक्सीन सप्लाइ
सीजीएमएससी मांग के अनुसार सरकारी अस्पतलों में दवाओं की सप्लाई करता है। वहीं जनवरी से एंटी रैबीज वैक्सीन की सप्लाई ही नहीं कर रहा हैं। सीजीएमएससी के अधिकारियों का कहना है कि दवा निर्माता कंपनी ही इंजेक्शन की सप्लाई नहीं कर रहा है। इससे काफी समस्या हो रही हैं।
Published on:
02 Jul 2019 03:23 pm
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