
विदेशियों को भा रहा ‘आमचो बस्तर’
Amcho Bastar: बस्तर की अनूठी आदिवासी कला एवं संस्कृति(Tribal Art and Culture) देसी ही नहीं विदेशी पर्यटकों को भी सदियों से आकर्षित करती रही है। यहां के जल, जंगल और संस्कृति विदेशियों को खासा प्रभावित कर रहे हैं। इन दिनों मेला मड़ई का सीजन शुरू हो चुका है। जिसके चलते फरवरी में दो दर्जन से अधिक विदेशी पर्यटकों का समूह यहां की विविधताओं का अध्ययन करने पहुंच रहा है।
इटली व ब्रिटेन के दर्जनों सैलानी होंगे शामिल
बस्तरिया संस्कृति(Tribal Art and Culture) से ओतप्रोत इन मेल-मड़ई में शामिल होने और बस्तर की आदिम संस्कृति की अध्ययन करने इटली और ब्रिटेन के सैलानी बड़ी संख्या में पहुंचने वाले हैं। अब तक 20 सैलानियों ने अपने नाम पर होमस्टे बुक करवा लिए हैं। बस्तर के गाइड व होम स्टे(Bastar guide and home stay)चलाने वाले शकील रिजवी के मुताबिक यह पर्यटक होम स्टे में करीब सप्ताह भर रुक कर यहां के विभिन्न इलाकों में जाकर बस्तर की विविधताओं को जानने का प्रयास करेंगे।
फरवरी मेला-मंड़ई का महीना
बस्तर अंचल में कई आदिम संस्कृति और सभ्यता अभी भी मौजूद हैं। इसके रंग यहां के तीज त्योहार व मेला मड़ई में बस्तर की संस्कृति(Bastar Culture)झलकती है। यही वजह है कि यहां के मेला मड़ई भारतीयों को ही नहीं वरन विदेशियों को भी आकर्षित करते हैं।
इस माह बस्तर(Bastar) में चार प्रसिद्ध मेला आयोजित होने हैं जिसमें करीब दो दर्जन से अधिक विदेशी सैलानी शामिल होने वाले हैं। आने वाले दिनों में दंतेवाड़ा का प्रसिद्ध फागुन मेला आयोजित होगा। इसके अलावा नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर और सुकमा का मेला भी काफी प्रसिद्ध है।
Published on:
05 Feb 2023 11:57 am
बड़ी खबरें
View Allजगदलपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
