
Health News: आने वाले 10 साल के बाद भारत देश का हर दूसरा व्यक्ति डायबटिक होगा। यह कहना है बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी(बीएचयू) के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के प्रोफेसर और डायबेटोलॉजी के एचओडी डॉक्टर मधुकर रॉय का। उन्होंने पत्रिका से विशेष बातचीत में कहा कि जिस तरह से लोगों की जीवनशैली बदली है, उससे यह बीमारी होना स्वभाविक है।
उन्होंने कहा आज जो डायबिटीज के आंकड़े दिख रहे हैं असल में उससे कई ज्यादा लोग इससे ग्रसित हैं। अधिकतर लोगों को तो यह पता भी नहीं है कि उन्हें यह बीमारी है। आज 18 साल में यह बीमारी हो रही है जो काफी भयावह है। उन्होंने देश के पीएम मोदी से अपील की है कि स्वच्छ भारत की तर्ज पर डायबिटिज मुक्त भारत अभियान चलाएं। जिससे आने वाली महामारी से बचा जा सके।
डॉ. मधुकर रॉय बताते हैं कि आज देश के लोगों ने पश्चिमी सभ्यता से सारी बुरी आदतें अपनाई हैं। उनकी अच्छी आदतों की तरफ ध्यान भी नहीं दिया। आउटडोर गेम्स, वर्जिश जैसी चीजों को छोडक़र लोग शुगर ड्रिंक, मोबाइल गेम्स, जैसी चीजों पर बिजी हैं। इसलिए यह बीमारी तेजी से फैल रही है। इस बीमारी को सरकार को भी गंभीरता से लेना होगा और मुहिम चलाकर इसे खत्म करना होगा। जिस तरह टीबी, मलेरिया, पोलियो जैसी बीमारियों पर अभियान चलाया गया। स्वच्छ भारत अभियान भी एक महत्यपूर्ण अभियान है उसी तर्ज पर डायबटीज के लिए भी अभियान चलाना होगा तभी इससे बचा जा सकता है।
डॉ. रॉय कहते हैं कि आज किसी भी बीमारी के पीछे का प्रमुख कारण बेहतर भोजन पद्धति ना अपनाना और खराब जीवन शैली है। अगर इससे बचना है तो अब नई पीढ़ी से टारगेट करना होगा। उन्हें स्कूल स्तर पर ही इसकी जानकारी मिलनी चाहिए। बेहतर जीवन व भोजन पद्धति को स्कूली शिक्षा के सिलेबस में शामिल करना होगा। जिससे की बचपन से ही सभी जागरूक हों। साथ ही जंक फूड के जो देशी विदेशी चैन आ रहे हैं यह भी बीमारी परोस रहे हैं। इन्हें भी बंद करने की दिशा में सख्त फैसले लेने होंगे। तभी जाकर आने वाली इस महामारी से बचा जा सकता है।
Published on:
21 Oct 2024 08:23 am
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