18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

धनोरा ग्राम पंचायत में मूलभूत सुविधाओं का अभाव

पानी, बिंजली, शौचालय, सड़क सुविधा से महरूम ग्रामीण जिला मुख्यालय से 59 किलोमीटर की दूरी पर जनपद पंचायत नारायणपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत धनोरा मूलभूत सुविधाओं की पोल खोलते नजर आ रहा है।

2 min read
Google source verification
पानी, बिंजली, शौचालय, सड़क सुविधा से महरूम

पानी, बिंजली, शौचालय, सड़क सुविधा से महरूम ग्रामीण

नारायणपुर। जिला मुख्यालय से 59 किलोमीटर की दूरी पर जनपद पंचायत नारायणपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत धनोरा मूलभूत सुविधाओं की पोल खोलते नजर आ रहा है। इस ग्राम पंचायत के आश्रित गांवो में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। इसके बावजूद प्रशासनिक नुमाइंदे ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने में कोई कारगर कदम उठाते नजर नही आ रहे है। इससे धनोरा के आश्रित ग्रामों को पानी, शौचालय, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा। वही स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत शौचालयो का निर्माण कागजों में सीमित होते नजर आ रहा है। इसके बावजूद प्रशासन अभी तक इससे अनभिग्य नजर आ रहा है। जानकारी अनुसार धनोरा पंचायत के आश्रित 2 गांव ऐसे हैं जहां के ग्रामीण दावा कर रहे हैं कि उनके गांव में शौचालय की संख्या शून्य है। वही ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत धनोरा के आश्रित ग्राम कुंडोली में 22 परिवार निवासरत है। इसकी आबादी पचासी बताई जा रही है। वही पेरमापाल गांव में 46 परिवार में लगभग 225 परिवार निवासरत है। इन गांवों के ग्रामीणों की माने तो दोनों गांव में आज पर्यंत एक भी शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है। इससे इन गांवो में शौचालय की संख्या शून्य है। इसी प्रकार धनोरा के ही आश्रित ग्राम टेकानार, रेंगाबेडा, गचुमकाल, नुलबट्टी, रायनार गांव में कुछ-कुछ जगहों में शौचालय जरूर बने हैं। लेकिन इनमें से अधिकतर अनुपयोगी होने के साथ ही जर्जर हो गए हैं। इससे ग्रामीणों को मजबूरन खुले में शौच करने जाना पड़ रहा है।


5 वर्षों से प्राथमिक शाला का नही हो पाया निर्माण
संकुल समन्वयक विजय मांझी ने बताया पहुंच विगत 5 वर्षों से प्राथमिक शाला पेरमा पाल का निर्माण कार्य अधूरा है। जिसकी शिकायत कई दफे सरपंच- सचिव राजीव गांधी शिक्षा मिशन व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से की गई। लेकिन किसी ने आज तक प्राथमिक शाला भवन का निर्माण कार्य उर करने के लिए कोई कारगर कदम उठाने में रुचि नही दिखाई है। इससे 5 साल से पेरमापाल प्राथमिक शाला का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है।

झिरिया का पानी पीना मजबूरी
धनोरा के आश्रित ग्राम कुंडोली में पीने के पानी की समस्या विक्राल बनी हुई है। गांव में हैंडपंप का अभाव होने के कारण ग्रामीण हैंडपंप के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है। इसके बावजूद समस्या का निराकरण नही होने के कारण ग्रामीणों को झिरिया का दूषित पानी पीने को मजबुर होना पड़ रहा है।

आंगनबाड़ी की छत की नही ले रहा कोई सुध
ग्रामीणों ने बताया कि धनोरा के आश्रित टेकानार में आंगनबाड़ी की छत 2 वर्ष पूर्व आंधी तूफान में उड़ गई थी। वही भवन की दीवारों में दरार पड़ गई। इससे आंगनबाड़ी के बच्चे 2 साल से टेकानार प्राथमिक शाला के अतिरिक्त कक्ष में अपने भविष्य गढ़ रहे हैं। लेकिन ग्राम पंचायत सहित जिला प्रशासन अभी तक क्षतिग्रस्त आंगनबाड़ी भवन की सुध नहीं लेने में कोई रुचि नही दिखा रहा है।

3 साल के नही हो पाई मरम्मत
ग्रामीणों ने बताया कि गचुमकाल, कुंडोली तक विद्युत लाइन जरूर खींची गई थी। लेकिन आंधी तूफान से विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इससे ग्रामीणों ने विद्युत विभाग को कई बार विद्युत लाइन की मरम्मत करने के लिए गुहार लगाई है। लेकिन 3 साल बीतने के बावजूद विद्युत लाइन की मरम्मत करने में विभाग कोई कारगर कदम उठाते नजर नही आ रहा है। इससे ग्रामीणों 3 साल से चिमनी की रोशनी में दिन गुजारने को मजबूर होना पड़ रहा है।