
चुनाव के अंतर्गत इस मामले में बस्तर रहा प्रदेश में अव्वल, देश में टॉप 5 में बनाई जगह
शेख तैय्यब ताहिर/जगदलपुर. बस्तर लोकसभा देश की उन पांच सीटों में से एक है जहां नोटा पर सबसे ज्यादा वोट पड़े हैं। यहां कांग्रेस और भाजपा की जीत-हार के अंतर से ज्यादा मत नोटा पर गए हैं। ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है कि बस्तर में इतनी बड़ी संख्या में नोटा का उपयोग किया गया हो, इससे पहले भी विधानसभा चुनाव में नोटा बस्तर की कई सीटों पर गेमचेंजर की भूमिका में रहा है। बिहार, आंध्र और ओडिशा के बाद छत्तीसगढ़ की इसी सीट पर ४१ हजार से ज्यादा वोटरों ने सारे प्रत्याशियों को नकारते हुए नोटा को चुना है। बस्तर लोकसभा चुनाव में इस बार करीब ४१६६७ वोट नोटा पर पड़े। यह आकंडा इसलिए चौकाने वाला हैं क्योंकि बस्तर नोटा के मामले में प्रदेश में पहले नंबर और देश में पांचवे नंबर पर है। इसका सीधा मतलब है कि प्रदेश की ११ लोकसभा सीटों में खड़े प्रत्याशियों में बस्तर की जनता ने सबसे ज्यादा लोकसभा चुनाव में खड़े प्रत्याशियों को खारिज किया।
ग्रामीण इलाकों नोटा पर पड़े वोट गैर जागरूकता का है नतीजा
समाजशास्त्री और पीजी कॉलेज के प्रोफेसर एम. अली ने कहा कि वे इस चुनाव में नोटा को लेकर ग्रामीणों के बीच भी गए और चुनाव को करीब से भी देखा। ग्रामीण क्षेत्रों में नोटा पर ज्यादा वोट पडऩे का यह बिल्कुल मतलब नहीं है कि वे जागरूक हैं या फिर उन्हें प्रत्याशी पसंद नहीं है। बल्कि बस्तर में गैरजागरूकता के चलते नोटा पर अधिक वोट पड़ रहे हेँ। क्यों कि यह अंतिम नंबर पर होता है इसलिए जब ग्रामीण बूथ पर जाते हैं तो उनके हाथ के सबसे ज्यादा करीब यह बटन होता है साथ ही नोटा को लेकर ग्रामीणों में जागरूकता भी नहीं है। यही वजह है कि नोटा पर इन इलाकों में ज्यादा वोट पड़े। उन्होंने कहा ग्रामीण इलाकों में नोटा पर ज्यादा वोट पडऩे का बहुत बड़ा कारण लोगों का गैर जागरूक होना है।
देश में टॉप 10 में आने वाली लोकसभा सीटें
राज्य विधानसभा वोट
बिहार गोपालगंज 51660
आंध्र प्रदेश अरकू 41977
बिहार पश्चिम चंपारन 45699
ओडिशा नबरंगपुर 44582
छत्तीसगढ़ बस्तर 47667
बिहार जमुई 39496
बिहार माधेपुरा 38450
ओडिशा कोरापुट 36561
मध्यप्रदेश रतलाम 35431
बिहार समस्तीपुर 35417
बिहार नवादा 35147
ग्रामीण व पिछड़े क्षेत्रों में नोटा पर दबे खूब बटन
राजनीतिक पंडितों के द्वारा आमतौर पर यह राय रखी जाती है कि सबसे जागरूक, पढ़े-लिखे और युवा लोग ही नोटा का बटन दबाते हैं। वही इसके उलट देश के सबसे पिछड़े इलाकों में नोटा पर बंपर वोट पड़े। इतना ही नहीं शहरी क्षेत्रों में सबसे अधिक नोटा पर वोट पडऩे की मान्यता को देश के पिछड़े इलाके के लोगों ने बदल दिया। सबसे ज्यादा पर नोटा दबाने वालों में बिहार, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ जैसे पिछड़े राज्य हैं।
Published on:
06 Jun 2019 03:51 pm

बड़ी खबरें
View Allजगदलपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
