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इस वर्ष मकर संक्रांति दो दिन, दान पुण्य 15 तक

मकर संक्रांति का हिन्दू धर्म में बेहद शुभ महत्व जगदलपुर.सूर्य उपासना का पर्व मकर संक्रांति इस वर्ष 14 व 15 जनवरी दो दिन मुहूर्त होने के कारण दो दिन मनाया जाएगा। मकर संक्रांति का पर्व पौष महीने की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर मनाया जाता है। यह पर्व सूर्य के राशि परिवर्तन करने पर मनाया जाता है।
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जगदलपुर

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Suresh Das

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Updated: 5 Jan 2023, 11:49 PM IST

इस वर्ष मकर संक्रांति दो दिन, दान पुण्य 15 तक

14 जनवरी को रात 8 बज कर 43 मिनट पर मकर राशि मे प्रवेश करेंगे सूर्य

सम्पूर्ण भारत में पर्व का महत्व

मकर संक्रांति भारत के प्राय: सभी प्रान्तों में अलग-अलग रुपों में मानता जाता है। यह पर्व को गुजरात में उत्तरायण, पूर्वी उत्तर प्रदेश में खिचड़ी और दक्षिण भारत में इस दिन को पोंगल के रूप में मनाया जाता है। मकर संक्रांति के दिन सूर्यदेव धनु राशि से निकलकर मकर में प्रवेश कर जाते हैं।

मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त

ज्योतिष दिनेश दास के अनुसार इस वर्ष ग्रहों के राजा सूर्य 14 जनवरी की रात 8 बजकर 21 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। उदया तिथि 15 जनवरी को प्राप्त हो रहा है। यही वजह है कि मकर संक्रांति नए साल में 15 जनवरी को मनाया जाएगा। 15 जनवरी को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से संध्या 5 बजकर कर 46 मिनट तक पुण्य काल रहेगा।

बहुत खास है इस वर्ष संक्रांति

इन वर्ष मकर संक्रांति रविवार को पद रहा है। यह दिन सूर्यदेव का वार होने की वजह से इसका महत्व और बढ़ गया है। इस दिन पूण्य काल के साथ साथ दोपहर 12 बजकर 9 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा जबकि दोपहर 2 बजकर 16 मिनट से 2 बजकर 58 मिनट तक विजय मुहूर्त है।

मकर संक्रांति स्नान दान का महत्व

मकर संक्रांति के दिन स्नान दान का अत्यंत महत्व है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान कर तांबे के लोटे में पानी भरकर उसमें काला तिल, गुड़ का छोटा सा टुकड़ा और गंगाजल लेकर सूर्यदेव व शनिदेव के मंत्रों का जाप करते हुए अर्घ्य देने से कई दोष मिट जाते हैं। इस दिन गरीबों को तिल और खिचड़ी का दान करें। ऐसा करने से सूर्य और शनि दोनों की कृपा मिलती है, क्योंकि इस दिन सूर्य अपने पुत्र शनि के घर मकर में प्रवेश करते हैं।