जगदलपुर

बस्तर में जलप्रपात घूमने गए 60 पर्यटकों को नक्सलियों ने बनाया बंधक, डर के मारे वापस लौटे कई सैलानी

Handawada Waterfall: छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग अपनी प्राकृतिक सुंदरताओं के लिए जाना जाता है। यहां के पर्वत, पेड़,,नदी, पहाड़, झरने इत्यादि सभी का मन मोह लेते हैं। बीते कुछ सालों में बस्तर के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिला है। हर साल बस्तर में लाखों की संख्या में सैलानी यहां की सुंदरता का आनंद लेने के लिए आते हैं।

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Handawada Waterfall: छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग अपनी प्राकृतिक सुंदरताओं के लिए जाना जाता है। यहां के पर्वत, पेड़,,नदी, पहाड़, झरने इत्यादि सभी का मन मोह लेते हैं। बीते कुछ सालों में बस्तर के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिला है। हर साल बस्तर में लाखों की संख्या में सैलानी यहां की सुंदरता का आनंद लेने के लिए आते हैं।

सुंदरता के साथ-साथ यहां नक्सलियों का खौफ भी रहता है। यद्द्पि सुरक्षाबलों के द्वारा यहां नक्सली गतिविधियों को कम करने के लिए कई तरह के मुहिम चलाए जाते हैं। बस्तर की खास पहचान और बेहद लोकप्रिय हांदावाड़ा जलप्रपात में एक बार फिर नक्सलियों की सक्रियता सुनाई देने लगी है। बीते शनिवार को नक्सलियों ने जलप्रपात देखने आए 60 से अधिक पर्यटकों को हांदावाड़ा से पहले ही बंधक बनाकर रोक किया था। यहां उन्हें बंधक बनाने के 3 घंटे के बाद सभी को छोड़ा दिया गया।

उल्टे पैर वापस लौट आए सैलानी
बताया जा रहा है कि नक्सलियों की बैठक का हवाला देते हुए कई जगहों से आए इन पर्यटकों को हांदावाड़ा पर्यटन केंद्र जाने से पहले ही रोककर बंधक बना लिया गया था। करीब 3 घंटे के बाद इन सभी पर्यटकों को छोड़ दिया गया। ऐसे में अधिकांश लोग नक्सलियों से डर की वजह से पर्यटन स्थल हांदावाड़ा जलप्रपात की ओर गए ही नहीं। वे लोग उल्टे पैर ही वहां से वापस लौट आए।

सड़क और पुल का निर्माण के बाद से बढे सैलानी
जानकारी के लिए आपको बता दें कि हांदावाड़ा नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा से लगा हुआ इलाका है। दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण यहां आमतौर पर पर्यटक नहीं जाते थे। मगर पिछले कुछ समय पहले यहां सड़क और पुल का निर्माण किया गया जिसके बाद से यहां बहुत तेजी से पर्यटन का विकास हुआ है और पर्यटकों की संख्यां भी बढ़ने लगी है।

Published on:
28 Feb 2023 05:29 pm
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