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नवपदस्थ कलेक्टर बस्तर ने कहा वापस आ रहे मजदूरों की मैपिंग शुरू, अब यहां के युवाओं को इसतरह यहीं मिलेगा रोजगार

बस्तर के नए कलेक्टर रजत बंसल से पत्रिका का पहला इंटरव्यू, कहा यहां के युवाओं को बस्तर में रोजगार देंगे

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नवपदस्थ कलेक्टर बस्तर ने कहा वापस आ रहे मजदूरों की मैपिंग शुरू, अब यहां के युवाओं को इसतरह यहीं मिलेगा रोजगार

नवपदस्थ कलेक्टर बस्तर ने कहा वापस आ रहे मजदूरों की मैपिंग शुरू, अब यहां के युवाओं को इसतरह यहीं मिलेगा रोजगार

जगदलपुर। बस्तर के नवपदस्थ कलेक्टर रजत बसंल ने अपना कार्यभार संभालते ही लॉकडाउन के बीच पैदा हुई चुनौतियों से निपटने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। ‘पत्रिका’ को अपना पहला साक्षात्कार देते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर पूरे प्रदेश में कोरोना के मामले में सबसे सेफ बना हुआ है लेकिन यहां बाहरी राज्यों से आ रहे मजदूरों को रोजगार उपलब्ध करवाना सबसे बड़ी चुनौती है। इस पर जिला प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है। श्रम विभाग के अफसरों की टीम बनाई गई है जो कि जिले के सभी क्वारेंटाइन सेंटर में रखे जा रहे मजदूरों की स्कील मैपिंग का काम कर रही है। उनका डाटा बेस तैयार हो रहा है। इससे भविष्य में कुशल श्रमिकों को उनकी योग्यता के अनुरूप काम मुहैया करवाया जाएगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर उद्योगपतियों और कारोबारियों से प्रशासन चर्चा करेगा। मजदूरों का बस्तर आना लगातार जारी है। ऐसे में उन्हें स्वस्थ रखते हुए उनकी रोजी-रोटी का प्रबंध करना प्रशासन की प्राथमिकता में है। उन्होंने बस्तर के लिए जो प्रारंभिक रोड मैप तैयार किया है उसे इन सवालों के साथ कुछ इस तरह साझा किया...

स्कील मैपिंग की क्या प्रक्रिया है?
सभी क्वारेंटाइन सेंटर में जिला प्रशासन की तरफ से एक टीम भेजी जा रही है। इसमें श्रम विभाग के अफसर भी हैं। सेंटर में एक फॉर्मेट भरवाया जा रहा है, जिसमें श्रमिक अपने कौशल से संबंधित जानकारी। नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि दर्ज कर रहे हैं। इससे एक डाटा बेस तैयार हो जाएगा और जैसे ही रोजगार के अवसर तैयार हो जाएंगे, उनसे संपर्क किया जाएगा।

अकुशल मजदूरों का क्या होगा?
उन्हें प्रशिक्षित करने की भी योजना हम तैयार कर चुके हैं। जल्द ही इस पर काम भी शुरू हो जाएगा। अभी मजदूरों का आना जारी है। इसलिए थोड़ा वक्त लगेगा। इसके बाद ट्रेनिंग की प्रक्रिया शुरू करवाई जाएगी। हमारा प्रयास यही है कि कोई भी मजदूर अब बस्तर से बाहर ना जाए।

क्या एनएमडीसी नगरनार में काम मिलेगा?
वहां के मजदूर अपने राज्यों में जा चुके हैं, ऐसे में उन्हें भी मैन पावर की जरूरत है। हम एनएमडीसी प्रबंधन से इस संबंध में जल्द चर्चा करेंगे और प्रयास करेंगे की स्कील्ड वर्कर को वहां जल्द से जल्द काम दिलवाया जाए। एनएमडीसी के अलावा जिले के अन्य छोटे उद्यमियों से भी हम इस संबंध में चर्चा करेंगे।

कोरोना से निपटने की क्या तैयारी है?
पूर्व कलेक्टर डॉ. तंबोली ने कोरोना को लेकर यहां बहुत ही अच्छा काम किया है। लंबे वक्त तक बस्तर कारोना मुक्त रहा। फिलहाल हमारे सामने वापस आ रहे मजदूरों से खतरा है। इस खतरे से बचनेे के लिए क्वारेंटाइन सेंटर में लगातार सैंपल लिए जा रहे हैं। कोरोना की चुनौती से निपटने पूरा अमला दिन-रात डटा हुआ है।

वनोपज से आय बढ़ाने की क्या योजना है?
बस्तर के वनोपज की जब बात होती है तो सिर्फ इमली, महुआ और तेंदुपत्ता का जिक्र होता है लेकिन मेरा व्यक्तिगत रूप से यह प्रयास रहेगा कि हम इससे आगे जाएं। यहां के वनोपज का मार्केट व्यापक करने के लिए हम उच्च अधिकारियों से लगातार मार्गदर्शन ले रहे हैं।

शहर के विकास को लेकर कोई कार्ययोजना?
शहर में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं, जिनका मैंने आते ही जायजा भी लिया है। रही बात नई कार्य योजना की तो यह लगातार विकसित होता शहर है। यहां कीे जरूरतों के मुताबिक भविष्य में जरूर कार्य योजना बनाएंगे। जगदलपुर शहर को एक नया रूप देने का प्रयास करेंगे।

तालाबों को बचाने कोई प्लान?
मुझे आते ही यह जानकारी मिली कि यहां का दलपत सागर छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े तालाबों में कभी शामिल था लेकिन आज वह अपना अस्तित्व खो रहा है। रायपुर में निगम आयुक्त रहते हुए मैंने जिस तरह से बूढ़ातालाब को विकसित करने का काम किया उसी तर्ज पर यहां भी काम करूंगा।

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