
CG Naxal Terror : बीजापुर और सुकमा सीमा पर मंगलवार को टेकलगुड़ेम में हुई मुठभेड़ के बाद यह जानकारी सामने आई है कि नक्सलियों की दो टुकड़ी इस मुठभेड़ में शामिल थी। पहली टुकड़ी को नक्सल कमांडर देवा लीड कर रहा था। वही एक टुकड़ी को दुर्दांत नक्सली हिड़मा वॉकी-टॉकी से निर्देश दे रहा था। हिड़मा गोंडी में नक्सलियों से बात कर रहा था। इस बात का खुलासा जवानों के रेडियो सेट इटरसेप्ट हुई वॉइस से हुआ है।
वॉकी टॉकी से हिड़मा एंबुश टीम से बात करता सुनाई दे रहा था। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने हिड़मा के नेतृत्व में इतना तगड़ा एंबुश लगा रखा था कि अगर जवान उसे समय रहते तोड़ते नहीं तो बड़ी संख्या में जवानों की शहादत हो सकती थी। जवानों की बड़ी संख्या में घायल होने की वजह भी हिड़मा के नेतृत्व में लगाया गया एंबुश ही है। बताया जा रहा है कि नक्सली लीडर और बटालियन नंबर 1 और 2 का कमांडर सोढ़ी केशा और मुचाकी एर्रा भी हमले में शामिल थे। जिस जगह मुठभेड़ हुई वहां से 4 किलोमीटर की दूरी पर ही नक्सल कमांडर हिड़मा का गांव पूवर्ती है।
नक्सलियों के बटालियन नंबर 1 का गढ़ है पूरा इलाका
टेकलगुड़ेम में जिस जगह पर मुठभेड़ हुई वह पूरा इलाका नक्सलियों की सबसे खतरनाक बटालियन नंबर एक का गढ़ है। इस बटालियन में कई खुंखार नक्सली शामिल हैं जिन पर लाखों का इनाम है। नक्सली इस इलाके को अपना सबसे सेफ इलाका मानते हैं लेकिन अब जबकि फोर्स की दखल यहां बढ़ी तो उन्होंने यह हमला कर दिया। इससे पहले भी 2021 में टेकलगुड़ेम और पूवर्ती के बीच मुठभेड़ में 23 जवान शहीद हुए थे।
Published on:
01 Feb 2024 11:23 am
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